चारधाम यात्रा 2026: श्रद्धालुओं के लिए ‘हेल्थ कवच’ तैयार, स्वास्थ्य विभाग ने जारी की सख्त गाइडलाइंस

देहरादून उत्तराखंड सरकार और स्वास्थ्य विभाग ने 19 अप्रैल से शुरू हो रही चारधाम यात्रा 2026 को सुरक्षित बनाने के लिए व्यापक स्वास्थ्य दिशानिर्देश जारी किए हैं। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में ऑक्सीजन की कमी और कठिन चढ़ाई को देखते हुए, इस बार श्रद्धालुओं की सेहत पर विशेष फोकस रखा गया है।

1. अनिवार्य स्वास्थ्य परीक्षण (Health Check-up)

स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने स्पष्ट किया है कि 50 वर्ष से अधिक आयु के यात्रियों, हृदय रोगियों, अस्थमा और उच्च रक्तचाप से ग्रसित श्रद्धालुओं के लिए यात्रा शुरू करने से पहले विस्तृत स्वास्थ्य परीक्षण अनिवार्य है।

2. ‘गोल्डन ऑवर’ और इमरजेंसी सुविधाएं

हादसों या अचानक स्वास्थ्य बिगड़ने की स्थिति में ‘गोल्डन ऑवर’ (हादसे के बाद का पहला घंटा) के भीतर उपचार सुनिश्चित करने के लिए अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं:

3. ‘तीर्थ यात्रा शिक्षा पुस्तिका’ का विमोचन

यात्रियों को जागरूक करने के लिए विभाग ने ‘Pilgrimage Education Handbook’ (तीर्थ यात्रा शिक्षा पुस्तिका) जारी की है। इसमें निम्न महत्वपूर्ण जानकारियां दी गई हैं:

4. यात्रियों के लिए मुख्य परामर्श

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