नकली दवाओं के निर्माण पर नहीं कोई मजबूत तंत्र: उत्तराखंड में हादसा होने के बाद जागता है विभाग

उत्तराखंड में नकली और घटिया दवाओं के निर्माण पर लगाम लगाने के लिए कोई मजबूत तंत्र मौजूद नहीं है। यह खुलासा हाल ही में हुई एक घटना के बाद हुआ है। बताया गया है कि औषधि विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियां अक्सर तभी सक्रिय होती हैं जब कोई बड़ा हादसा या दुर्घटना सामने आती है।

राज्य में दवाओं की गुणवत्ता और निर्माण इकाइयों की नियमित जांच का अभाव है। विशेषज्ञों के अनुसार, एक मजबूत और स्वतंत्र निगरानी प्रणाली की आवश्यकता है जो नकली दवाओं के निर्माण पर चौबीस घंटे नजर रख सके। सरकार को सख्त नियम लागू करने और निगरानी तंत्र को मजबूत करने की दिशा में तत्काल कदम उठाने की जरूरत है ताकि आम जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ न हो।

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