धामी सरकार का बड़ा धमाका: उत्तराखंड ने खनन राजस्व में रचा इतिहास, पहली बार ₹1200 करोड़ का आंकड़ा पार

देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार ने वित्तीय प्रबंधन और राजस्व वृद्धि की दिशा में एक बड़ी ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। राज्य के खनन विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक का सबसे अधिक ₹1,217 करोड़ का राजस्व एकत्र कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है।

लक्ष्य से कहीं अधिक प्राप्ति: सरकार ने इस वित्तीय वर्ष के लिए ₹950 करोड़ का लक्ष्य निर्धारित किया था, लेकिन प्राप्त राजस्व इस लक्ष्य से लगभग 28% अधिक है। राज्य के इतिहास में यह पहली बार है जब खनन क्षेत्र से होने वाली आय ₹1,200 करोड़ के जादुई आंकड़े को पार कर गई है। यह वृद्धि न केवल राज्य की आर्थिक स्थिति को मजबूती प्रदान करेगी, बल्कि विकास योजनाओं के लिए अतिरिक्त संसाधन भी उपलब्ध कराएगी।

सफलता के पीछे के मुख्य कारण: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस शानदार सफलता का श्रेय सरकार की पारदर्शी नीतियों और तकनीकी सुधारों को दिया है।

13 वर्षों में 10 गुना वृद्धि: सरकारी आंकड़ों की तुलना करें तो राज्य ने एक लंबा सफर तय किया है। वर्ष 2012-13 में राज्य का खनन राजस्व मात्र ₹110 करोड़ था। पिछले 13 वर्षों में सुदृढ़ शासन और सुधारात्मक कदमों की बदौलत इसमें 10 गुना से भी अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है।

केंद्र से मिली प्रोत्साहन राशि: राज्य सरकार द्वारा खनन क्षेत्र में किए गए इन प्रभावी सुधारों और राजस्व में हुई अभूतपूर्व वृद्धि को केंद्र सरकार ने भी सराहा है। भारत सरकार ने उत्तराखंड के इन प्रयासों के लिए ₹200 करोड़ की अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि (Incentive) स्वीकृत की है। इस राशि का उपयोग राज्य की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं और खनन क्षेत्रों के विकास में किया जाएगा।

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