
1. शेयर बाजार (Stock Market Update)
पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के कारण भारतीय शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है।
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निफ्टी और सेंसेक्स: वित्त वर्ष 2026 (FY26) का अंत भारी गिरावट के साथ हुआ था, जहां सेंसेक्स 7% और निफ्टी 5% तक लुढ़क गए थे। हालांकि, नए वित्त वर्ष की शुरुआत में थोड़ी रिकवरी देखी गई है।
विदेशी निवेशक (FIIs): मार्च 2026 में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने रिकॉर्ड ₹1,18,093 करोड़ की निकासी की है, जो बाजार के लिए बड़ी चिंता का विषय है।
सोमवार की नजर: अगले हफ्ते (6 अप्रैल) ‘सेफ्टी कंट्रोल्स एंड डिवाइसेस’ का ₹48 करोड़ का IPO खुलने जा रहा है।
2. सोना और चांदी के दाम (Gold & Silver Price)
युद्ध और वैश्विक अनिश्चितता के कारण सोने की कीमतों में बड़ी हलचल जारी है।
सोना (24 कैरेट): दिल्ली और अन्य प्रमुख शहरों में 24 कैरेट सोने का भाव लगभग ₹1,49,220 से ₹1,51,080 प्रति 10 ग्राम के बीच चल रहा है।
चांदी: चांदी की कीमतों में शुक्रवार को भारी गिरावट देखी गई। भारत में चांदी का भाव करीब ₹2,32,600 प्रति किलोग्राम के स्तर पर है।
3. कच्चे तेल का संकट (Crude Oil & Energy)
ईरानी तेल: भारत आ रहा ईरानी तेल से भरा जहाज अचानक चीन की ओर मुड़ गया है, जिससे भारत की तेल आपूर्ति पर असर पड़ सकता है।
रूस से आयात: भारत ने पिछले महीने रूसी तेल के आयात में रिकॉर्ड बढ़ोतरी की है, जिससे ऊर्जा संकट से निपटने में मदद मिल रही है।
टैरिफ की मार: अमेरिकी प्रशासन द्वारा फार्मा और मेटल कंपनियों पर भारी टैरिफ लगाने के एलान से सोमवार को भारतीय आईटी और फार्मा शेयरों पर दबाव दिख सकता है।
4. 1 अप्रैल से हुए बड़े बदलाव (Rule Changes)
नए वित्तीय वर्ष (FY 2026-27) की शुरुआत के साथ कई नियम बदल गए हैं:
नया इनकम टैक्स एक्ट: टैक्स स्लैब और बचत से जुड़े नियमों में बदलाव प्रभावी हो गए हैं।
सैलरी स्ट्रक्चर: न्यू लेबर कोड के लागू होने की चर्चाओं के बीच इन-हैंड सैलरी के गणित में बदलाव की संभावना जताई जा रही है।


