उत्तराखंड में मातृ मृत्यु दर (MMR) में 12.5% की कमी दर्ज की गई है। वर्ष 2020–22 के बीच यह अनुपात 104 से घटकर 91 पर पहुंच गया है। यह गिरावट राज्य सरकार की स्वास्थ्य योजनाओं और मातृ-शिशु स्वास्थ्य पर केंद्रित प्रयासों की सफलता को दर्शाती है।
#उत्तराखंड #मातृमृत्युदर #स्वास्थ्य
विशेषज्ञों का कहना है कि संस्थागत प्रसव को बढ़ावा, गर्भवती महिलाओं के लिए समय पर जांच और स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच में सुधार से यह संभव हो पाया है। ग्रामीण और पहाड़ी इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने से सकारात्मक नतीजे सामने आए हैं।
#देहरादूनखबरें #स्वास्थ्यसेवाएं #UttarakhandNews
स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि सरकार की योजनाओं जैसे जननी सुरक्षा योजना, प्रसव पूर्व जांच, पोषण आहार और एएनएम/आशा कार्यकर्ताओं की सक्रिय भूमिका ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इसके अलावा अस्पतालों में मातृ देखभाल सेवाओं को भी मजबूत किया गया है।
#जननीसुरक्षायोजना #महिलास्वास्थ्य #उत्तराखंडसरकार
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसे राज्य की बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि सरकार मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को और कम करने के लिए लगातार प्रयासरत है। आने वाले समय में स्वास्थ्य सेवाओं को और आधुनिक व सुलभ बनाया जाएगा।
#CMधामी #UttarakhandUpdates #HealthNews