उत्तराखंड में आपदा की आशंकाओं को देखते हुए राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 6 सितम्बर 2025 को राज्यभर में 13 हाई-पावर साइरन का उद्घाटन किया। ये साइरन आपदा आने से पहले जनता को समय रहते सचेत करने में मदद करेंगे।
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इन साइरनों की ध्वनि सीमा 8 से 16 किलोमीटर तक है, जिससे बड़ी आबादी को अलर्ट किया जा सकेगा। ये अत्याधुनिक साइरन तेज आवाज और इमरजेंसी संकेत देने में सक्षम हैं, जो बाढ़, भूस्खलन, बादल फटने या अन्य प्राकृतिक आपदाओं की स्थिति में उपयोगी होंगे।
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इन 13 साइरनों को ऋषिकेश, प्रेम नगर, क्लेमेंट टाउन और रायपुर जैसे संवेदनशील इलाकों में स्थापित किया गया है। यह चयन भूगर्भीय और जलवायु जोखिमों के आधार पर किया गया है। इसके अलावा इन इलाकों में आबादी भी अधिक है, जिससे प्रभावी चेतावनी की आवश्यकता महसूस की गई।
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यह योजना राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) के तहत क्रियान्वित की गई है और इसका उद्देश्य राज्य की आपदा प्रतिक्रिया क्षमता को आधुनिक और तेज़ बनाना है। धामी सरकार का यह कदम आपदा के प्रति सतर्कता और पूर्व चेतावनी तंत्र को बढ़ावा देता है।
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मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि, “हमारा उद्देश्य है कि उत्तराखंड को एक आपदा-तैयार राज्य बनाया जाए, जहां हर नागरिक समय रहते सतर्क हो सके और जान-माल की हानि को न्यूनतम किया जा सके।”
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