चक्कीमोड़ क्षेत्र में नाबालिग बच्चों से काम करवाए जाने का मामला सामने आया है। कुछ दुकानों पर कार्यरत बच्चों की उम्र 16 वर्ष से कम पाई गई। जब उनसे कारण पूछा गया, तो उन्होंने बताया कि वे “काम सीखने” के लिए वहाँ मौजूद हैं। #ChildLabour #ChakkiMod #BreakingNews #UttarakhandNews

गरीबी बनी मजबूरी, बच्चों का शोषण –
स्थानीय लोगों ने बताया कि इन बच्चों के परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद खराब है। अभिभावकों को बाल श्रम के दुष्परिणामों की जानकारी नहीं है, जिसके चलते वे बच्चों को दुकानों में भेजते हैं। यहाँ उन्हें या तो बेहद कम वेतन मिलता है या सिर्फ “काम सीखने” के नाम पर मुफ्त में काम कराया जाता है।#StopChildLabour #PoorFamilies #SocialIssue #ChildRights
अमन संस्था की तत्परता –
जैसे ही मामला सामने आया, अमन संस्था, चक्कीमोड़ ने जिला बाल संप्रेषण अधिकारी से संपर्क किया। अधिकारी ने आश्वासन दिया कि श्रम विभाग के सहयोग से रेस्क्यू अभियान चलाकर बच्चों को छुड़ाया जाएगा।#AmanSanstha #RescueOperation #ChildProtection #Awareness
बच्चों को मिलेगा सुरक्षित भविष्य –
अमन संस्था के प्रतिनिधियों ने कहा कि वे इस मुद्दे पर गंभीरता से काम कर रहे हैं। उनका प्रयास है कि क्षेत्र में बाल श्रम पर रोक लगे और बच्चों को शिक्षा व सुरक्षित बचपन का अधिकार दिलाया जाए।#RightToEducation #SafeChildhood #EndChildLabour #SocialAwareness