उत्तराखंड के एम्स (AIIMS) ऋषिकेश में ₹2.73 करोड़ के बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है, जिसके संबंध में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने संस्थान के पूर्व निदेशक समेत तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
घोटाले का विवरण
- घोटाले की राशि: लगभग ₹2.73 करोड़।
- आरोपी: पूर्व निदेशक डॉ. रविकांत, तत्कालीन एडिशनल प्रोफेसर (रेडिएशन ओंकोलाजी), और तत्कालीन स्टोर कीपर।
- घोटाले का क्षेत्र: यह घोटाला मुख्य रूप से कोरोनरी केयर यूनिट (Coronary Care Unit – CCU) की स्थापना में हुई अनियमितताओं से जुड़ा है।
- अनियमितताएं:
- CBI जांच में पाया गया कि अधिकारियों ने ठेकेदार के साथ मिलीभगत कर सरकारी धन का गबन किया।
- खरीदी गई कई वस्तुएं घटिया थीं, जबकि मल्टी पैरा मॉनिटर और एयर प्यूरीफायर जैसी कुछ महत्वपूर्ण वस्तुएं स्टॉक रजिस्टर में दर्ज होने के बावजूद मौके से गायब मिलीं।
- घपले को छिपाने के लिए कई अहम फाइलें भी गायब करा दी गईं।
यह मामला एम्स ऋषिकेश में भ्रष्टाचार के आरोपों की श्रृंखला में एक और कड़ी है, जिसकी जांच सीबीआई द्वारा की जा रही है।