देहरादून, 4 अक्टूबर। उत्तराखंड कांग्रेस ने राज्य के स्वास्थ्य विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि विभाग में मशीनों की खरीद से लेकर टेंडर प्रक्रिया और ट्रांसफर तक भ्रष्टाचार हावी है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा ने आरोप लगाया कि खून की जांच करने वाली व्हेन फाइंडर मशीन वास्तविक दाम से कई गुना अधिक कीमत पर खरीदी गई है, जो भ्रष्टाचार को दर्शाता है। इसके अलावा, सीटी स्कैन मशीन के लिए 30 करोड़ रुपये का भुगतान कंपनी को कर दिया गया, जबकि मशीन अभी तक चालू भी नहीं हुई है। यह टेंडर शर्तों के खिलाफ है।
करन माहरा ने कहा कि 60 करोड़ की लागत से खरीदी गई एमआरआई मशीन की टेंडर प्रक्रिया में भारतीय कंपनी ASME को दरकिनार कर चीनी कंपनी को ठेका दिया गया। यह सीधे-सीधे भाजपा सरकार के मेक इन इंडिया मिशन के खिलाफ है।
उन्होंने सांसद अजय भट्ट के पत्र का हवाला देते हुए हल्द्वानी मंडी परिषद के कार्यों की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े किए। साथ ही, बदरीकेदार क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए खरीदी गई करोड़ों की मशीनें धूल फांक रही हैं।
कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने भी स्वास्थ्य विभाग की ट्रांसफर प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के लगभग सभी विभाग भ्रष्टाचार में डूबे हैं। सहकारिता और स्वास्थ्य विभाग में ट्रांसफर व नौकरियों के रेट तय हैं। यहां तक कि ओपन यूनिवर्सिटी की भर्तियों और प्रधानाचार्य पदों तक में भ्रष्टाचार हो रहा है।
करन माहरा और गणेश गोदियाल ने संकेत दिया कि वे जल्द ही स्वास्थ्य विभाग पर एक और प्रेसवार्ता कर बड़ा खुलासा करेंगे।