रविवार से व्रती रखेंगे 36 घंटे का निर्जला व्रत, घाटों की सजावट पूरी
देहरादून/पटना/वाराणसी: पूरे देश में श्रद्धा और आस्था का प्रतीक छठ महापर्व की शुरुआत ‘नहाय-खाय’ के साथ हो गई है। इस पवित्र पर्व की शुरुआत आज से हुई, जिसमें व्रती (उपवास करने वाले) महिलाएं और पुरुष नदी या तालाब में स्नान कर शुद्ध भोजन ग्रहण करते हैं।
रविवार से व्रती 36 घंटे का निर्जला उपवास शुरू करेंगे और अगले दिन अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देंगे। सोमवार को उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के साथ पर्व का समापन होगा।
देहरादून समेत पूरे उत्तराखंड में गंगा, यमुना और अन्य नदियों के घाटों पर सफाई और सजावट का काम पूरा हो चुका है। प्रशासन ने घाटों पर सुरक्षा और रोशनी की विशेष व्यवस्था की है।
❓ ‘नहाय-खाय’ का क्या महत्व है?
👉 ‘नहाय-खाय’ छठ पूजा का पहला दिन होता है। इस दिन व्रती नदी में स्नान कर शुद्ध भोजन ग्रहण करते हैं और अगले चरण के उपवास की तैयारी करते हैं।
❓ 36 घंटे का निर्जला व्रत कब से शुरू होगा?
👉 रविवार से व्रती निर्जला उपवास शुरू करेंगे, जो सोमवार सुबह उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने तक चलेगा।
❓ घाटों पर क्या तैयारी की गई है?
👉 देहरादून, हरिद्वार और ऋषिकेश में नगर निगम और प्रशासन की टीमों ने घाटों की सफाई, रोशनी और सुरक्षा के इंतज़ाम पूरे कर लिए हैं।
❓ छठ पूजा कितने दिनों तक चलती है?
👉 यह पर्व चार दिनों तक चलता है — नहाय-खाय, खरना, संध्या अर्घ्य और उषा अर्घ्य के साथ समापन होता है।