
नई दिल्ली | 14 अप्रैल 2026
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आज देशभर में डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर जयंती मनाई जा रही है। इस राष्ट्रीय अवकाश के कारण भारत के प्रमुख शेयर बाजार, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) में कोई कामकाज नहीं हो रहा है। इसके साथ ही मुद्रा बाजार (Currency Market) भी आज बंद है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय संकेतों और भू-राजनीतिक तनाव ने भारतीय निवेशकों और व्यापारिक जगत की चिंताएं बढ़ा दी हैं।
1. कच्चे तेल में भारी उबाल: $100 के पार पहुँचा भाव
वैश्विक स्तर पर ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का सबसे गंभीर असर कच्चे तेल की कीमतों पर देखने को मिल रहा है। आज अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) का भाव $100 प्रति बैरल के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में तनाव कम नहीं हुआ, तो तेल की आपूर्ति बाधित हो सकती है, जिससे भारत जैसे आयात-निर्भर देशों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ सकती हैं।
2. मिडिल ईस्ट संकट और भारत की रणनीति
ईरान द्वारा होर्मुज मार्ग से गुजरने वाले जहाजों पर ‘क्रिप्टो टोल टैक्स’ लगाने की चर्चा और क्षेत्र में सैन्य गतिविधियों ने वैश्विक सप्लाई चेन को प्रभावित किया है। भारत सरकार ने ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए LNG की निर्बाध आपूर्ति हेतु प्रमुख वैश्विक कंपनियों के साथ बातचीत तेज कर दी है। भारतीय रिफाइनरी कंपनियां फिलहाल अपने मौजूदा भंडार का उपयोग कर स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।
3. सोना और चांदी की कीमतों में हलचल
शेयर बाजार बंद होने के बावजूद सर्राफा बाजार में हलचल बनी हुई है। वैश्विक अस्थिरता के कारण निवेशक सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की ओर रुख कर रहे हैं। आज 10 ग्राम सोने और चांदी की कीमतों में मजबूती देखी जा रही है। दिल्ली और मुंबई के बाजारों में सुरक्षित निवेश की मांग के कारण प्लैटिनम और चांदी के भाव ऊंचे स्तर पर बने हुए हैं।
4. पिछले सत्र का हाल और कल की तैयारी
कल यानी सोमवार (13 अप्रैल) को भारतीय बाजारों में भारी बिकवाली देखी गई थी। सेंसेक्स में 702 अंकों की गिरावट दर्ज की गई थी, जबकि निफ्टी 23,850 के स्तर से नीचे फिसल गया था। कल, 15 अप्रैल को जब बाजार दोबारा खुलेंगे, तो निवेशकों की नजरें पूरी तरह से ग्लोबल मार्केट के रुख और कच्चे तेल की कीमतों पर टिकी होंगी।


