देहरादून, उत्तराखंड: उत्तराखंड विधानसभा का तीन दिवसीय सत्र बुधवार को शुरू हुआ, जिसमें पहले दिन ही 9 महत्वपूर्ण विधेयक पेश किए गए। इन विधेयकों का उद्देश्य राज्य के विकास और प्रशासन को सुदृढ़ करना है। सत्र की शुरुआत काफी हंगामेदार रही, खासकर विपक्ष ने विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश की।
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सत्र के दौरान, विपक्ष ने मुख्य रूप से रोजगार, महंगाई, और आपदा प्रबंधन जैसे मुद्दों पर सरकार से सवाल किए। वहीं, सत्ता पक्ष ने अपने विकास कार्यों और जन कल्याणकारी योजनाओं का लेखा-जोखा सदन में प्रस्तुत किया। सदन में विधायकों के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली, जिससे सत्र की कार्यवाही में कई बार व्यवधान भी हुआ।
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इसी बीच, भारतीय युवा कांग्रेस (आईवाईसी) ने विधानसभा सत्र के दौरान मतदाता सूचियों में कथित हेरफेर के मुद्दे पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। देहरादून में युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मशाल जुलूस निकाला, जिसमें उन्होंने सरकार पर मतदाता सूचियों में गड़बड़ी करने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि सरकार अपनी राजनीतिक लाभ के लिए मतदाता सूचियों में बदलाव कर रही है, जो लोकतंत्र के लिए खतरा है।
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युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए मांग की कि इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को विधानसभा भवन की ओर बढ़ने से रोकने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। कुछ कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में भी लिया, जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया।
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