उत्तराखंड बनेगा ‘विश्व की आध्यात्मिक राजधानी’: हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर पर काम तेज, काशी-अयोध्या की तर्ज पर बदलेगी सूरत

उत्तराखंड बनेगा ‘विश्व की आध्यात्मिक राजधानी’: हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर पर काम तेज, काशी-अयोध्या की तर्ज पर बदलेगी सूरत
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देहरादून/हरिद्वार: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड को ‘विश्व की आध्यात्मिक राजधानी’ (Spiritual Capital of the World) के रूप में विकसित करने के संकल्प को दोहराते हुए हरिद्वार-ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर परियोजना के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। काशी विश्वनाथ और अयोध्या के राम मंदिर कॉरिडोर की तर्ज पर विकसित होने वाली यह परियोजना न केवल पर्यटन को बढ़ावा देगी, बल्कि श्रद्धालुओं को विश्वस्तरीय सुविधाएं भी प्रदान करेगी।

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इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत हरिद्वार से ऋषिकेश के बीच लगभग 73 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर का कायाकल्प किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने हाल ही में अधिकारियों को निर्देशित किया है कि इस प्रोजेक्ट को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए, ताकि 2027 में होने वाले महाकुंभ से पहले बुनियादी ढांचा पूरी तरह तैयार हो सके।

परियोजना की मुख्य विशेषताएं:

  • आधुनिक परिवहन: कॉरिडोर के लिए 73 किलोमीटर लंबी E-BRTS (इलेक्ट्रिक बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम) और मेट्रो कॉरिडोर की योजना पर काम शुरू हो चुका है।
  • गंगा घाटों का सौंदर्यीकरण: हरिद्वार के हर की पैड़ी से लेकर ऋषिकेश के त्रिवेणी घाट तक सभी प्रमुख घाटों का विस्तार और सौंदर्यीकरण किया जाएगा।
  • जाम मुक्त यात्रा: कॉरिडोर को इस तरह डिजाइन किया जा रहा है कि दिल्ली-एनसीआर से आने वाले श्रद्धालु बिना किसी जाम के सीधे ऋषिकेश तक पहुँच सकें। इसके लिए ‘नमो भारत’ (RRTS) ट्रेन के विस्तार का प्रस्ताव भी केंद्र को भेजा गया है।
  • आध्यात्मिक केंद्र: कॉरिडोर के किनारे योग केंद्र, ध्यान केंद्र और डिजिटल संग्रहालय बनाए जाएंगे जो भारतीय सनातन संस्कृति का प्रदर्शन करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कॉरिडोर के बनने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और उत्तराखंड वैश्विक पटल पर आध्यात्मिक पर्यटन के सबसे बड़े केंद्र के रूप में उभरेगा।

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