
देहरादून: राजधानी देहरादून की सबसे बड़ी समस्या ‘ट्रैफिक जाम’ के स्थायी समाधान की दिशा में केंद्र और राज्य सरकार एक ऐतिहासिक कदम उठाने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही उत्तराखंड के ड्रीम प्रोजेक्ट ‘रिस्पना-बिंदाल एलिवेटेड रोड’ का शिलान्यास करेंगे। लगभग 6200 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली यह परियोजना देहरादून के यातायात ढांचे को पूरी तरह बदल देगी।
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परियोजना का विवरण और विस्तार: लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा तैयार डिजाइन के अनुसार, इस प्रोजेक्ट के तहत दो अलग-अलग एलिवेटेड कॉरिडोर बनाए जाएंगे:
- बिंदाल एलिवेटेड कॉरिडोर: यह हरिद्वार बाईपास (कारगी चौक) से शुरू होकर राजपुर रोड स्थित साईं मंदिर तक जाएगा। इसकी लंबाई लगभग 15 किलोमीटर होगी।
- रिस्पना एलिवेटेड कॉरिडोर: यह विधानसभा के पास रिस्पना पुल से शुरू होकर सहस्रधारा रोड होते हुए नागल पुल तक जाएगा। इसकी लंबाई लगभग 11 किलोमीटर होगी।
6 इंटरचेंज और 60 किमी की रफ्तार: इस एलिवेटेड रोड की सबसे बड़ी खासियत इसके 6 प्रमुख इंटरचेंज होंगे, जो शहर के विभिन्न हिस्सों को इस कॉरिडोर से जोड़ेंगे। इसमें लालपुल, बिंदाल तिराहा, विजय कॉलोनी, सहस्रधारा चौक और आईटी पार्क जैसे महत्वपूर्ण बिंदु शामिल हैं। कॉरिडोर पर वाहनों की डिजाइन स्पीड 60 किमी प्रति घंटा रखी गई है, जिससे राजपुर रोड से आईएसबीटी या विधानसभा तक का सफर मात्र 15-20 मिनट में पूरा हो सकेगा।
विकास और चुनौतियां: राज्य सरकार ने हाल ही में बजट में यूटिलिटी शिफ्टिंग के लिए 350 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। हालांकि, इस महात्वाकांक्षी परियोजना की राह में अतिक्रमण एक बड़ी चुनौती है। रिस्पना और बिंदाल नदियों के किनारे बसी बस्तियों से लगभग 2600 परिवारों को शिफ्ट किया जाना प्रस्तावित है। इसके लिए जिला प्रशासन ने सामाजिक समाघात मूल्यांकन (SIA) रिपोर्ट भी तैयार कर ली है।
सीएम धामी का विजन: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह परियोजना अगले 25-30 वर्षों के यातायात दबाव को ध्यान में रखकर बनाई जा रही है। पीएम मोदी के हाथों शिलान्यास होने के बाद इस पर युद्धस्तर पर काम शुरू होगा, जिससे देहरादून एक ‘स्मार्ट और जाम मुक्त’ सिटी के रूप में उभरेगा।


