देहरादून समेत उत्तराखंड के सभी जिलों में इस साल सहकारिता मेलों के आयोजन की योजना बनाई गई है। ये मेले 3 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2025 तक चलेंगे। सरकार का उद्देश्य है कि इन मेलों के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिले और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिल सके।
#देहरादून #सहकारितामेला #उत्तराखंडखबरें
सरकारी सूत्रों के अनुसार, इन मेलों में स्थानीय किसानों, स्वयं सहायता समूहों, हस्तशिल्पकारों और महिला उद्यमियों को अपनी कला और उत्पाद प्रदर्शित करने का मौका मिलेगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों की आजीविका को मजबूती मिलेगी और युवाओं को रोजगार के नए अवसर भी प्राप्त होंगे।
#स्थानीयउत्पाद #महिलाशक्ति #रोजगार
इन मेलों के दौरान कृषि उत्पाद, हस्तशिल्प, बुनाई-बुनकरी, ऑर्गेनिक सामान और स्थानीय व्यंजन मुख्य आकर्षण रहेंगे। साथ ही सहकारिता विभाग विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी भी लोगों तक पहुँचाएगा।
#कृषिउत्पाद #हस्तशिल्प #ऑर्गेनिक
विशेषज्ञों का मानना है कि सहकारिता मेलों से न सिर्फ़ छोटे कारोबारियों को बाजार मिलेगा, बल्कि पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। देहरादून और मसूरी जैसे क्षेत्रों में आने वाले पर्यटक इन मेलों से स्थानीय संस्कृति और उत्पादों को करीब से जान पाएंगे।
#पर्यटन #स्थानीयसंस्कृति #उत्तराखंड