देहरादून/पिथौरागढ़, 14 सितंबर – उत्तराखंड के चर्चित ‘लिटिल निर्भया’ केस में सुप्रीम कोर्ट का फैसला सामने आने के बाद प्रदेशभर में आक्रोश फैल गया है। सुप्रीम कोर्ट ने 2014 के इस जघन्य अपराध में दोषी ठहराए गए आरोपी को बरी कर दिया, जिससे पीड़ित परिवार और स्थानीय लोगों में गुस्सा भड़क गया।#LittleNirbhayaCase #SupremeCourtVerdict #UttarakhandNews #BreakingNews
यह मामला हल्द्वानी का है, जहाँ सात साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या की वारदात हुई थी। निचली अदालत और हाईकोर्ट ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए सज़ा सुनाई थी। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने साक्ष्यों की कमी बताते हुए आरोपी को निर्दोष करार दे दिया।#HaldwaniCase #ChildAbuse #JusticeForNirbhaya #CourtNews
फैसले के बाद पिथौरागढ़ और आसपास के क्षेत्रों में लोगों ने ज़बरदस्त विरोध प्रदर्शन किया। कई सामाजिक संगठनों और महिलाओं ने सड़कों पर उतरकर न्याय की गुहार लगाई और राज्य सरकार से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की।#PublicProtest #WomenRights #JusticeMovement #PithoragarhNews
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इस तरह के फैसले से अपराधियों का मनोबल बढ़ेगा और बेटियों की सुरक्षा खतरे में पड़ जाएगी। उन्होंने सरकार से सुप्रीम कोर्ट में समीक्षा याचिका दायर करने की मांग की है।#JusticeForGirls #ProtestAgainstVerdict #UttarakhandUpdate #LawAndOrder
सरकारी सूत्रों के अनुसार, राज्य सरकार मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश पर कानूनी राय ले रही है और ज़रूरत पड़ने पर पुनर्विचार याचिका दाखिल करने पर विचार किया जा रहा है।#GovtAction #LegalReview #SupremeCourtUpdate #DehradunBreaking