देहरादून में चल रहे वाइल्डलाइफ वीक (Wildlife Week) समारोह के दौरान केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री ने वन्यजीव संरक्षण और संघर्ष प्रबंधन के क्षेत्र में कई नई राष्ट्रीय पहलों की घोषणा की।
कार्यक्रम में Project Dolphin, Project Sloth Bear, और Project Gharial जैसे महत्वाकांक्षी संरक्षण अभियानों की शुरुआत की गई है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य देशभर में जैव विविधता की रक्षा, लुप्तप्राय प्रजातियों का पुनर्वास और मानव-वन्यजीव संघर्षों में कमी लाना है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत विश्व के उन देशों में से है जहाँ वन्यजीव संरक्षण नीति को सतत विकास के साथ जोड़ा गया है। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में देहरादून स्थित संस्थानों में “Centre of Excellence for Human-Wildlife Conflict Management” की स्थापना की जाएगी, जहाँ विशेषज्ञ वैज्ञानिक, तकनीकी और सामुदायिक समाधान पर काम करेंगे।
पर्यावरण मंत्रालय के अनुसार, इन नई पहलों के तहत राज्य वन विभागों, एनजीओ, और स्थानीय समुदायों को साझेदार बनाकर कार्य किया जाएगा ताकि संरक्षण कार्य अधिक प्रभावी हो सके।
मुख्य अतिथि ने यह भी कहा कि उत्तराखंड, अपनी प्राकृतिक संपदा और वन्यजीव विविधता के कारण, इन परियोजनाओं के लिए एक मॉडल स्टेट के रूप में उभर सकता है।
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