चारधाम यात्रा 2026: यात्रियों की संख्या की बाध्यता खत्म, अब जितने चाहें उतने श्रद्धालु कर सकेंगे दर्शन

चारधाम यात्रा 2026: यात्रियों की संख्या की बाध्यता खत्म, अब जितने चाहें उतने श्रद्धालु कर सकेंगे दर्शन
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देहरादून: आगामी चारधाम यात्रा 2026 को लेकर उत्तराखंड सरकार ने एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए श्रद्धालुओं की प्रतिदिन की संख्या पर लगी सभी पाबंदियों को समाप्त कर दिया है। पिछले कुछ वर्षों से सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के नाम पर केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धामों में दर्शन के लिए यात्रियों की एक निश्चित संख्या तय की जाती थी, जिसे अब पूरी तरह हटा लिया गया है।

पर्यटन और व्यापार को मिलेगा बढ़ावा सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हुए स्थानीय व्यापारियों, होटल स्वामियों और तीर्थ पुरोहितों ने खुशी जताई है। उनका मानना है कि संख्या की बाध्यता खत्म होने से इस बार चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं का रिकॉर्ड टूटेगा, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था और स्थानीय रोजगार को भारी मजबूती मिलेगी। पर्यटन विभाग का अनुमान है कि इस वर्ष यात्रा शुरू होते ही लाखों की संख्या में श्रद्धालु देवभूमि का रुख करेंगे।

सुरक्षा और पंजीकरण अनिवार्य हालांकि संख्या की कोई सीमा नहीं होगी, लेकिन प्रशासन ने यह स्पष्ट किया है कि पंजीकरण (Registration) की प्रक्रिया अनिवार्य बनी रहेगी। यह निर्णय इसलिए लिया गया है ताकि आपात स्थिति में यात्रियों की ट्रैकिंग की जा सके और उन्हें आवश्यक सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जा सकें। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, यात्रा मार्गों पर स्वास्थ्य सुविधाएं, रहने की व्यवस्था और सड़क सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं।

रिकॉर्ड तोड़ भीड़ की उम्मीद चारधाम यात्रा के कपाट खुलने की तारीखें नजदीक आते ही देशभर से बुकिंग्स में भारी उछाल देखा जा रहा है। विशेष रूप से केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम के लिए हेलीकॉप्टर सेवाओं और होटलों की एडवांस बुकिंग शुरू हो चुकी है। प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे मौसम का अपडेट लेकर ही अपनी यात्रा की योजना बनाएं।

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