
बदरीनाथ धाम: देवभूमि उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा का मुख्य पड़ाव, भगवान बदरीविशाल का मंदिर आज यानी 22 अप्रैल 2026 को पूरे विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया है। आज सुबह की शुभ बेला में मंदिर के मुख्य कपाट खुलते ही पूरा परिसर ‘जय बदरीविशाल’ के जयकारों से गूंज उठा।
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अखंड ज्योति के दर्शन को भारी भीड़ कपाट खुलने के साथ ही सबसे पहले भगवान के निर्वाण दर्शन और ‘अखंड ज्योति’ के दर्शन के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु कतारों में खड़े नजर आए। मान्यता है कि कपाट खुलने पर अखंड ज्योति के दर्शन करने से जीवन के सभी पाप मिट जाते हैं और सुख-समृद्धि आती है। मंदिर को कई क्विंटल फूलों से भव्य तरीके से सजाया गया है, जो भक्तों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
सेना के बैंड की मधुर धुन कपाट खुलने के इस पावन अवसर पर भारतीय सेना के बैंड की धुनों ने माहौल को और भी भक्तिमय बना दिया। कपाट खुलने के समय मंदिर के मुख्य पुजारी (रावल), धर्माधिकारी और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
सुरक्षा और प्रशासन के पुख्ता इंतजाम श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए चमोली जिला प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। मंदिर परिसर से लेकर पूरे बदरीनाथ धाम में जगह-जगह सीसीटीवी और भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। श्रद्धालुओं के लिए ठहरने, पीने के पानी और स्वास्थ्य सुविधाओं की विशेष व्यवस्था की गई है ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो।


