
देहरादून में रेबीज (Rabies) से एक 30 वर्षीय युवक की दुखद मौत हो गई। बताया जा रहा है कि युवक को छह महीने पहले एक आवारा कुत्ते ने काट लिया था, लेकिन उसने इस पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया और न ही समय पर एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगवाया। लापरवाही का नतीजा यह हुआ कि रेबीज का वायरस उसके शरीर में फैल गया, और जब लक्षण दिखाई देने लगे तब तक बहुत देर हो चुकी थी। युवक ने तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया, जिससे उसके परिवार में मातम छा गया है। #Dehradun #RabiesDeath #Tragedy #HealthWarning
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यह घटना एक गंभीर चेतावनी है कि कुत्ते या किसी भी जानवर के काटने को हल्के में नहीं लेना चाहिए। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, रेबीज का संक्रमण बहुत खतरनाक होता है और अगर समय रहते इसका इलाज न किया जाए तो यह जानलेवा साबित हो सकता है। कुत्ते के काटने पर तुरंत घाव को साबुन और पानी से धोना चाहिए और बिना देर किए नजदीकी अस्पताल में डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए ताकि एंटी-रेबीज वैक्सीन की पूरी खुराक ली जा सके। #RabiesPrevention #DogBite #Vaccination #PublicHealth
रेबीज से हुई इस मौत ने शहर में आवारा कुत्तों की समस्या को फिर से उजागर कर दिया है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से इस समस्या पर ध्यान देने और आवारा पशुओं के लिए टीकाकरण अभियान चलाने की मांग की है। यह घटना इस बात की भी याद दिलाती है कि रेबीज के लक्षणों (जैसे पानी से डर लगना, बेचैनी और बुखार) के प्रकट होने के बाद इलाज लगभग असंभव हो जाता है। इसलिए, समय पर सावधानी और टीकाकरण ही एकमात्र बचाव है। #StrayDogs #RabiesAwareness #SafetyFirst #DehradunNews


