Chardham Yatra 2026 Health Guide: हाई ऑल्टिट्यूड पर सांसों का इम्तिहान! चारधाम यात्रा में कम ऑक्सीजन और ज्यादा दबाव से ऐसे बचाएं अपना दिल और फेफड़े

Chardham Yatra 2026 Health Guide: हाई ऑल्टिट्यूड पर सांसों का इम्तिहान! चारधाम यात्रा में कम ऑक्सीजन और ज्यादा दबाव से ऐसे बचाएं अपना दिल और फेफड़े
👁️ 102 Views

देहरादून (ब्यूरो): उत्तराखंड की प्रसिद्ध चारधाम यात्रा शुरू हो चुकी है। देशभर से लाखों श्रद्धालु बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। हालांकि, आध्यात्मिक आनंद के साथ-साथ यह यात्रा शारीरिक रूप से भी काफी चुनौतीपूर्ण होती है। विशेष रूप से केदारनाथ और यमुनोत्री धाम, जो काफी ऊंचाई पर स्थित हैं, वहां श्रद्धालुओं को कम ऑक्सीजन स्तर (High Altitude Oxygen Level) और वायुमंडलीय दबाव (Atmospheric Pressure) में भारी उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ता है। यह स्थितियां दिल और फेफड़ों के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती हैं।

विज्ञापन हेतु संपर्क करें - 📞 9639789000

स्वास्थ्य विभाग और विशेष डॉक्टरों की टीम ने ‘DehradunNews.com’ के माध्यम से श्रद्धालुओं के लिए एक विस्तृत स्वास्थ्य मार्गदर्शिका जारी की है:

ऊंचाई पर क्या होता है शरीर के साथ? जैसे-जैसे आप ऊंचाई पर बढ़ते हैं, हवा पतली होती जाती है, जिससे उपलब्ध ऑक्सीजन की मात्रा कम हो जाती है। शरीर को ऑक्सीजन की आपूर्ति करने के लिए दिल और फेफड़ों को बहुत ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। अगर कोई व्यक्ति पहले से ही अस्थमा, ब्रोंकाइटिस, उच्च रक्तचाप या दिल की बीमारी से ग्रस्त है, तो उसकी स्थिति बिगड़ सकती है।

सावधान रहें इन लक्षणों से: अगर यात्रा के दौरान आपको नीचे दिए गए लक्षण महसूस हों, तो इसे सामान्य थकान समझकर अनदेखा न करें। यह ‘एक्यूट माउंटेन सिकनेस’ (AMS) के संकेत हो सकते हैं:

  1. सिरदर्द, चक्कर आना और बेचैनी।
  2. सांस फूलना, विशेषकर चलते समय।
  3. छाती में दर्द या भारीपन।
  4. अत्यधिक थकान और कमजोरी।
  5. उल्टी या मतली।

दिल और फेफड़ों का ऐसे रखें ध्यान (विशेषज्ञ सलाह):

  1. एक्लिमेटाइजेशन (Ancclimatization): धीरे-धीरे ऊंचाई पर बढ़ें। केदारनाथ या यमुनोत्री की चढ़ाई एक बार में करने के बजाय, बीच-बीच में आराम करें।
  2. हाइड्रेशन (Hydration): खूब पानी पिएं। शरीर में पानी की कमी से ऑक्सीजन की आपूर्ति में दिक्कत होती है।
  3. शराब और कैफीन से बचें: शराब और कैफीन शरीर को निर्जलित (Dehydrate) करते हैं, जिससे AMS का खतरा बढ़ जाता है।
  4. हल्का भोजन: सुपाच्य और कार्बोहाइड्रेट युक्त भोजन करें।
  5. चिकित्सीय परामर्श: अगर आप पहले से ही किसी बीमारी से ग्रस्त हैं, तो यात्रा पर जाने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें और अपनी दवाइयां साथ रखें।
  6. सांस लेने के व्यायाम: नियमित रूप से सांस लेने के व्यायाम (प्राणायाम) करें, जिससे फेफड़ों की क्षमता बढ़ती है।
  7. पोर्टेबल ऑक्सीजन सिलेंडर: आवश्यकता पड़ने पर पोर्टेबल ऑक्सीजन सिलेंडर का उपयोग करें, जो धामों पर और रास्ते में उपलब्ध हैं।

प्रशासन की व्यवस्था उत्तराखंड सरकार ने चारधाम यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य चौकियों और मोबाइल चिकित्सा इकाइयों की व्यवस्था की है। केदारनाथ में हाई ऑल्टिट्यूड रेस्क्यू सेंटर (HARC) भी स्थापित किया गया है, जहां डॉक्टर 24 घंटे तैनात हैं।

क्या करें अगर कोई समस्या हो? अगर किसी श्रद्धालु को कोई भी स्वास्थ्य समस्या महसूस हो, तो वह तुरंत पास की स्वास्थ्य चौकी पर जाकर डॉक्टर को दिखाएं। अगर स्थिति गंभीर हो, तो उसे तुरंत निचली ऊंचाई वाले क्षेत्र में ले जाएं।

एक सुरक्षित और सुखद यात्रा के लिए, स्वास्थ्य नियमों का पालन करें!

🔥 ताजा खबरें
📂 कैटेगरीज
Scroll to Top