
देहरादून/श्रीनगर (कश्मीर): उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने साइबर अपराध के खिलाफ एक और बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की है। एसटीएफ की टीम ने जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर (बडगाम) से एक अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरोह के दो शातिर एजेंटों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह देश भर के सात राज्यों में सक्रिय था और ‘डिजिटल अरेस्ट’ (Digital Arrest) तथा निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी कर चुका है।
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छापेमारी के दौरान विरोध का सामना एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) के अनुसार, खुफिया सूचना के आधार पर टीम को कश्मीर भेजा गया था। बडगाम क्षेत्र में दबिश के दौरान एसटीएफ को स्थानीय निवासियों के कड़े विरोध और पथराव का भी सामना करना पड़ा, लेकिन टीम ने साहस का परिचय देते हुए मुख्य आरोपियों को दबोच लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान गिरोह के ‘मनी ट्रेल’ (पैसे के लेन-देन) के मुख्य एजेंटों के रूप में हुई है।
ठगी का तरीका और करोड़ों का साम्राज्य जांच में खुलासा हुआ है कि यह गिरोह लोगों को डराने-धमकाने और भारी मुनाफे का लालच देकर उनके साथ साइबर फ्रॉड करता था:
- डिजिटल अरेस्ट: गिरोह खुद को सीबीआई या पुलिस अधिकारी बताकर लोगों को वीडियो कॉल के जरिए ‘डिजिटल अरेस्ट’ करता था।
- फर्जी बैंक खाते: ठगी की रकम को तत्काल खपाने के लिए देशभर में सैकड़ों फर्जी बैंक खातों और ‘म्यूल अकाउंट्स’ का जाल बिछाया गया था।
- करोड़ों का ट्रांजेक्शन: अकेले उत्तराखंड और दिल्ली के मामलों में इन खातों के जरिए पिछले कुछ महीनों में 5 करोड़ रुपये से अधिक का संदिग्ध लेन-देन पाया गया है।
एसटीएफ की बड़ी रिकवरी पुलिस ने आरोपियों के पास से दर्जनों मोबाइल फोन, सिम कार्ड, कई बैंकों की चेकबुक, पासबुक और डिजिटल क्रेडेंशियल्स बरामद किए हैं। आरोपियों से पूछताछ में गिरोह के मास्टरमाइंडों के बारे में अहम सुराग मिले हैं, जो कथित तौर पर दुबई और दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों से गिरोह को नियंत्रित कर रहे हैं।


