
देहरादून: उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में एक बार फिर मौसम ने करवट बदल ली है। मौसम विज्ञान केंद्र (IMD) ने राज्य के पहाड़ी और सीमांत जिलों के लिए अगले 72 घंटों का ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने के कारण प्रदेश के पांच जिलों में भारी बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है।
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इन जिलों में विशेष सतर्कता के निर्देश: मौसम विभाग के अनुसार, उत्तराखंड के पांच सीमांत जिलों— उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में मौसम का सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा। इन जिलों के ऊंचाई वाले इलाकों (3500 मीटर से अधिक) में हल्की से मध्यम हिमपात (Snowfall) होने की संभावना है, जबकि निचले इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश और ओलावृष्टि (Hailstorm) हो सकती है।
मैदानी इलाकों का हाल: पहाड़ों में हो रही हलचल का असर मैदानी इलाकों में भी दिखेगा। देहरादून, हरिद्वार, उधमसिंह नगर और नैनीताल के मैदानी क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं (झक्कड़) चलने का अनुमान है। इससे तापमान में गिरावट आने की उम्मीद है, जिससे लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिल सकती है, लेकिन किसानों के लिए ओलावृष्टि चिंता का विषय बनी हुई है।
प्रशासनिक तैयारी: मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए राज्य प्रशासन ने सभी जिलाधिकारियों और आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। सीमांत जिलों में यात्रा कर रहे पर्यटकों और श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर रुकने और सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में भी विशेष निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक के अनुसार, अगले तीन दिनों तक मौसम का मिजाज इसी तरह बना रहेगा, जिसके बाद धीरे-धीरे आसमान साफ होने की उम्मीद है।


