उत्तराखंड

बर्ड फ्लू की दस्तक: चंपावत में प्रशासन का हाई अलर्ट, मुर्गी-अंडों की बिक्री पर रोक, 15 रैपिड रिस्पांस टीमें गठित

पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले के बिलासपुर में बर्ड फ्लू (एवियन इन्फ्लूएंजा) संक्रमण की पुष्टि होने के बाद उत्तराखंड के सीमावर्ती जिले चंपावत में प्रशासन हाई अलर्ट पर आ गया है। एहतियात के तौर पर जिले की सीमाओं को सील कर दिया गया है और बाहरी राज्यों से मुर्गी, चूजे, अंडे और पोल्ट्री फीड के आयात पर तत्काल प्रभाव से पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह रोक शुरुआत में एक सप्ताह के लिए लगाई गई थी, जिसे अब और बढ़ा दिया गया है।

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सीमाओं पर कड़ी निगरानी, पोल्ट्री उत्पादों पर पूर्ण प्रतिबंध

जिलाधिकारी मनीष कुमार के निर्देशानुसार, जिले के सभी प्रवेश द्वारों, विशेषकर उत्तर प्रदेश से लगी टनकपुर सीमा पर, पशुपालन विभाग, पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीमें सघन चेकिंग अभियान चला रही हैं। किसी भी वाहन को पोल्ट्री उत्पादों के साथ जिले में प्रवेश की अनुमति नहीं है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने पोल्ट्री फार्म संचालकों और व्यापारियों से सहयोग की अपील करते हुए बाहरी राज्यों से किसी भी प्रकार की खरीद न करने का आग्रह किया है।

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जिले में 15 रैपिड रिस्पांस टीमें तैनात, सघन निगरानी जारी

संभावित खतरे से निपटने के लिए जिले भर में 15 रैपिड रिस्पांस टीमों का गठन किया गया है। ये टीमें लगातार पोल्ट्री फार्मों का निरीक्षण कर रही हैं और पक्षियों के सैंपल की जांच कर रही हैं। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, डॉ. वसुंधरा गर्ब्याल ने बताया कि अब तक जिले में बर्ड फ्लू का कोई भी मामला सामने नहीं आया है, लेकिन एहतियातन हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं। टीमों द्वारा मांस विक्रेताओं को भी दुकानों और आसपास के क्षेत्र में स्वच्छता बनाए रखने तथा नियमित रूप से चूने का छिड़काव करने के लिए निर्देशित किया गया है।

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अफवाहों से बचने की अपील, प्रशासन बरत रहा पूरी संवेदनशीलता

प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे बर्ड फ्लू को लेकर किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और न ही घबराएं। यह प्रतिबंध और सतर्कता केवल एक निवारक उपाय है ताकि जिले को संक्रमण से पूरी तरह सुरक्षित रखा जा सके। अधिकारियों को बर्ड फ्लू की रोकथाम को लेकर पूरी संवेदनशीलता बरतने और सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आगे के निर्णय समीक्षा के बाद लिए जाएंगे।

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