देहरादून। उत्तराखंड के दूरस्थ और दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए 5जी एंबुलेंस और डिजिटल हेल्थ मॉडल एक नया क्रांतिकारी समाधान बनकर उभर सकता है। पहाड़ी इलाकों में गंभीर रूप से बीमार या हादसे का शिकार हुए मरीजों को देहरादून या हल्द्वानी जैसे बड़े चिकित्सा केंद्रों तक पहुंचाने में घंटों का समय लग जाता है। ऐसे में 5जी एंबुलेंस तकनीक के जरिए रास्ते में ही मरीज को विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में शुरुआती प्राथमिक इलाज दिया जा सकेगा।
पीआईबी देहरादून द्वारा आयोजित प्रेस दौरे के तहत हैदराबाद पहुंचे उत्तराखंड के मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने ईएसआईसी (ESIC) मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल का दौरा किया, जहां इस आधुनिक डिजिटल हेल्थ मॉडल और 5जी एंबुलेंस सेवा का अवलोकन किया गया।
ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज की डीन डॉ. एस. सीथालक्ष्मी के अनुसार, 5जी एंबुलेंस में अत्याधुनिक मेडिकल मॉनिटरिंग उपकरण लगे होते हैं, जो 5जी कनेक्टिविटी के माध्यम से मरीज का रियल-टाइम हेल्थ डेटा सीधे अस्पताल के इमरजेंसी कंट्रोल रूम में भेजते हैं। इससे अस्पताल में मौजूद स्पेशलिस्ट डॉक्टर एंबुलेंस में तैनात पैरामेडिकल स्टाफ को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और डेटा के आधार पर तुरंत जरूरी मेडिकल निर्देश जारी कर सकते हैं। इस तकनीक की मदद से अस्पताल पहुंचने से पहले ही मरीज के इलाज की प्रक्रिया शुरू हो जाती है और संबंधित विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम इमरजेंसी रूम में तैयार रहती है।
उत्तराखंड जैसी कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाले राज्य में जहां सड़क मार्ग से दूरी तय करने में अत्यधिक समय नष्ट होता है, वहां 5जी एंबुलेंस 'गोल्डन अवर'
Welcome, Login to your account.
Welcome, Create your new account
A password will be e-mailed to you.