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गुजरात बिटकॉइन घोटाला: पूर्व विधायक समेत 14 आरोपियों को आजीवन कारावास

गुजरात के बहुचर्चित 2018 बिटकॉइन घोटाले और अपहरण मामले में अहमदाबाद सिटी सेशंस कोर्ट की विशेष भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) अदालत ने 29 अगस्त 2025 को बड़ा फैसला सुनाया। पूर्व बीजेपी विधायक नलिन कोटडिया, अमरेली के पूर्व पुलिस अधीक्षक (SP) जगदीश पटेल, पूर्व पुलिस निरीक्षक (PI) अनंत पटेल सहित 14 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। इस मामले में कुल 15 आरोपियों पर मुकदमा चल रहा था, जिसमें से एक, बिपिन पटेल, को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया। यह मामला सूरत के बिल्डर शैलेश भट्ट के अपहरण और 200 बिटकॉइन (तत्कालीन मूल्य 32 करोड़ रुपये) की उगाही से जुड़ा है। #GujaratBitcoinScam #LifeImprisonment #NalinKotadiya

मामले की पृष्ठभूमि और अपराध का विवरण यह घोटाला 9 फरवरी 2018 को शुरू हुआ, जब सूरत के बिल्डर शैलेश भट्ट और उनके व्यापारिक साझेदार कीर्ति पालडिया का गांधीनगर से अपहरण कर लिया गया। अभियोजन पक्ष के अनुसार, अमरेली पुलिस के अधिकारियों, जिनका नेतृत्व तत्कालीन SP जगदीश पटेल कर रहे थे, ने नलिन कोटडिया और अन्य मध्यस्थों के साथ मिलकर इस अपहरण की साजिश रची। अपहरणकर्ताओं ने भट्ट से 200 बिटकॉइन और 32 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी, जो उन्होंने पहले सूरत के व्यवसायी धवल मवानी से जबरन हासिल किए थे। इस मामले ने गुजरात के राजनीतिक और पुलिस तंत्र को हिलाकर रख दिया था। #BitcoinExtortion #KidnappingCase #GujaratCrime

अदालती कार्यवाही और सजा अहमदाबाद सेशंस कोर्ट के जज बी.बी. जादव ने 14 आरोपियों को भारतीय दंड संहिता (IPC) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी ठहराया। इनमें अपहरण, उगाही, और आपराधिक साजिश के आरोप शामिल हैं। नौ अमरेली पुलिस कॉन्स्टेबल भी दोषियों में शामिल हैं। बचाव पक्ष के वकील परेश वघेला ने कहा कि वे इस फैसले को एक सप्ताह के भीतर गुजरात हाई कोर्ट में चुनौती देंगे। CID क्राइम के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “यह फैसला दर्शाता है कि कोई भी कानून से ऊपर नहीं है, चाहे वह वर्दी में हो या सार्वजनिक पद पर।” #CourtVerdict #AntiCorruption #GujaratHighCourt

शैलेश भट्ट का विवादास्पद रोल इस मामले में शैलेश भट्ट, जो पीड़ित के रूप में सामने आए, स्वयं विवादों में हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने बिटकनेक्ट कंपनी के अधिकारियों का अपहरण कर 2,021 बिटकॉइन, 11,000 लाइटकॉइन, और 14.5 करोड़ रुपये नकद उगाही की थी। यह राशि कुल मिलाकर 1,232.50 करोड़ रुपये तक पहुंचती है। भट्ट ने बिटकनेक्ट में 1.14 करोड़ रुपये का निवेश किया था, जो डूब गया था। इसके बाद उन्होंने कंपनी के कर्मचारियों और अधिकारियों को निशाना बनाया। अगस्त 2024 में अहमदाबाद पुलिस ने भट्ट को मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में गिरफ्तार भी किया था। #ShaileshBhatt #CryptoFraud #MoneyLaundering

मामले का व्यापक प्रभाव यह मामला गुजरात में डिजिटल मुद्रा से जुड़े अपराधों की बढ़ती प्रवृत्ति को उजागर करता है। 2018 में बिटकॉइन की कीमतों में उछाल और नोटबंदी के बाद क्रिप्टोकरेंसी में निवेश की होड़ ने ऐसे अपराधों को बढ़ावा दिया। इस घोटाले ने न केवल पुलिस और राजनीतिक भ्रष्टाचार को उजागर किया, बल्कि क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े अनियंत्रित लेनदेन के खतरों को भी सामने लाया। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी इस मामले से जुड़े 1,646 करोड़ रुपये की क्रिप्टोकरेंसी संपत्तियों को फ्रीज किया है। #CryptoCrime #DigitalFraud #GujaratPolitics

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