
रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित विश्व के सबसे ऊंचे शिव मंदिर, तुंगनाथ-चंद्रशिला ट्रेक पर एक बड़ी दुर्घटना टल गई। अचानक आए भीषण बर्फीले तूफान और भारी बर्फबारी के कारण इस ट्रेक पर करीब 30 ट्रैकर्स फंस गए थे। एसडीआरएफ (SDRF), उत्तराखंड पुलिस और वन विभाग की टीमों ने एक संयुक्त, रात भर चले साहसी रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद आज सुबह सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है।
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अचानक बदला मौसम, फंसे ट्रैकर्स प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शनिवार दोपहर तक मौसम सामान्य था, लेकिन अचानक मौसम का मिजाज बदला और ट्रेक पर भारी बर्फबारी के साथ बर्फीला तूफान शुरू हो गया। देखते ही देखते ट्रेक का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया और दृश्यता (Visibility) शून्य हो गई, जिसके कारण ट्रैकर्स रास्ता भटक गए और वे गुफाओं व पेड़ों के नीचे छिपने को मजबूर हो गए।
SDRF का रात भर चला ऑपरेशन कंट्रोल रूम को सूचना मिलते ही केदारनाथ धाम और अन्य चौकियों से SDRF की टीमें तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना हुईं। अत्यधिक ठंड, गहरी बर्फ और ऊबड़-खाबड़ रास्ते के बावजूद, रेस्क्यू टीम ने टॉर्च और सर्चलाइट की मदद से ट्रैकर्स की तलाश की। पूरी रात चले इस सर्च ऑपरेशन में टीमों ने एक-एक कर सभी 30 ट्रैकर्स को ढूंढ निकाला, जिसमें कुछ महिला ट्रैकर्स भी शामिल थीं।
सभी 30 ट्रैकर्स सुरक्षित, वापस लौटे सुरक्षा एजेंसियों ने सभी को प्राथमिक चिकित्सा और गर्म कपड़े उपलब्ध कराए। आज सुबह तक सभी को सुरक्षित रूप से नीचे, उखीमठ या ऋषिकेश के आधार शिविरों में वापस लाया गया है। जिला प्रशासन ने पुष्टि की है कि सभी ट्रैकर्स सुरक्षित हैं और किसी को भी गंभीर चोट नहीं आई है।
योजना बनाने में सावधानी की अपील रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन और उत्तराखंड पुलिस ने सभी पर्यटकों और ट्रैकर्स से अपील की है कि वे पहाड़ियों पर ट्रेकिंग की योजना बनाने से पहले मौसम विभाग (IMD) की चेतावनियों को गंभीरता से लें। अचानक मौसम बदलने पर ट्रेकिंग पूरी तरह प्रतिबंधित कर दी जाती है।


