देहरादून को स्वच्छ बनाने की अनूठी पहल, डस्टबिन की पोशाक पहन बाजारों में उतरे निगमकर्मी
देहरादून, 25 अगस्त 2026। देहरादून शहर को स्वच्छ और कचरा मुक्त बनाने के लिए नगर निगम की ओर से जागरूकता अभियान को अब एक अनोखे अंदाज में आगे बढ़ाया जा रहा है। लोगों को सड़क और बाजारों में कूड़ा न फेंकने का संदेश देने के लिए निगमकर्मी डस्टबिन की पोशाक पहनकर बाजारों में पहुंचे। इस अनूठे अभियान के जरिए लोगों का ध्यान स्वच्छता की ओर आकर्षित करने के साथ ही उन्हें कूड़ा निर्धारित स्थान पर डालने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। डस्टबिन का रूप लेकर लोगों को दिया स्वच्छता का संदेश बाजारों में डस्टबिन की पोशाक पहने निगमकर्मियों को देखकर लोगों की नजरें भी उनकी ओर टिक गईं। निगमकर्मियों ने दुकानदारों, व्यापारियों और राहगीरों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करते हुए अपील की कि बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा खुले में न फेंका जाए। अभियान का उद्देश्य केवल सफाई करना नहीं, बल्कि लोगों की आदत में बदलाव लाना है। निगम की ओर से लगातार यह संदेश दिया जा रहा है कि शहर को साफ रखने की जिम्मेदारी केवल सफाई कर्मचारियों की नहीं, बल्कि हर नागरिक की है। बाजारों में कूड़ा फैलने से रोकने पर जोर देहरादून के बाजारों और प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर अक्सर दुकानों से निकलने वाला कचरा, प्लास्टिक और अन्य अपशिष्ट सड़क किनारे दिखाई देता है। ऐसे में नगर निगम का यह अभियान लोगों को मौके पर ही जागरूक करने की कोशिश है। नगर निगम की ओर से पहले भी डस्टबिन फ्री शहर और डोर-टू-डोर कूड़ा उठान जैसी व्यवस्थाओं पर जोर दिया जाता रहा है। हालांकि, खुले में कूड़ा फेंकने की समस्या पूरी तरह खत्म करने के लिए नागरिकों की भागीदारी जरूरी मानी जाती है। दुकानदारों से भी सहयोग की अपील अभियान के दौरान बाजारों में दुकानदारों से अपनी दुकानों के बाहर पर्याप्त क्षमता का डस्टबिन रखने और कूड़े को उसी में डालने की अपील की गई। नगर निगम पहले भी स्ट्रीट वेंडर्स और दुकानदारों को पर्याप्त क्षमता का डस्टबिन रखने तथा कूड़े का उचित निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश जारी कर चुका है। निगम का मानना है कि यदि बाजारों में दुकानदार और ग्राहक दोनों कूड़ा निर्धारित डस्टबिन में डालने की आदत अपनाएं तो सड़कों पर कूड़े के ढेर और गंदगी को काफी हद तक कम किया जा सकता है। स्वच्छ दून के लिए जागरूकता के साथ व्यवस्था भी जरूरी देहरादून में स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने के लिए डोर-टू-डोर कूड़ा उठान, कचरे के प्रबंधन और सार्वजनिक स्थानों की सफाई पर लगातार जोर दिया जा रहा है। हालांकि, शहर को वास्तव में स्वच्छ बनाने के लिए नियमित कूड़ा उठान के साथ लोगों की सहभागिता भी महत्वपूर्ण है। पूर्व में निगम की स्वच्छता व्यवस्था को लेकर यह बात सामने आती रही है कि डस्टबिन हटाने के बाद भी यदि घरों और दुकानों से कूड़ा नियमित रूप से नहीं उठता तो नए कूड़ा प्वाइंट बन सकते हैं। डस्टबिन की पोशाक पहनकर बाजारों में उतरे निगमकर्मियों की यह पहल इसी संदेश को रोचक और प्रभावी तरीके से लोगों तक पहुंचाने का प्रयास है—कूड़ा सड़क पर नहीं, डस्टबिन में डालें और देहरादून को स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ बनाने में अपना योगदान दें।





