देहरादून, 29 अगस्त 2026। नेपाल में आई भीषण प्राकृतिक आपदा और बाढ़ से हुई जनहानि पर उत्तराखंड में भी शोक की लहर है। देहरादून में नेपाल आपदा में जान गंवाने वाले लोगों की आत्मा की शांति के लिए श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। इस दौरान लोगों ने दिवंगतों को श्रद्धांजलि दी और उनके परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।
यह श्रद्धांजलि सभा देहरादून के घंटाघर पर भाजपा गोरखा प्रकोष्ठ उत्तराखंड की ओर से आयोजित की गई। कार्यक्रम में प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने दो मिनट का मौन रखकर नेपाल आपदा में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि दी। साथ ही आपदा प्रभावित परिवारों की मदद के लिए सहयोग राशि भी जुटाई गई।
नेपाल की त्रासदी पर जताया दुख
कार्यक्रम में गोरखा कल्याण परिषद के उपाध्यक्ष एवं भाजपा गोरखा प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक अभिषेक शाही ने कहा कि भारत और नेपाल के बीच सदियों पुराने सामाजिक, सांस्कृतिक और पारिवारिक संबंध हैं। नेपाल में आई प्राकृतिक आपदा से गोरखा समाज सहित भारत के लोग भी बेहद दुखी हैं।
उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में नेपाल के आपदा प्रभावित लोगों के साथ खड़ा होना और उनकी मदद करना मानवता का दायित्व है। उन्होंने लोगों से अपनी सामर्थ्य के अनुसार नेपाल आपदा पीड़ितों की सहायता के लिए आगे आने की अपील की।
पीड़ित परिवारों की मदद के लिए जुटाई सहयोग राशि
श्रद्धांजलि सभा के दौरान केवल शोक व्यक्त करने तक ही कार्यक्रम सीमित नहीं रहा, बल्कि आपदा प्रभावित लोगों की सहायता के लिए सहयोग राशि भी जुटाई गई। आयोजकों ने कहा कि नेपाल में प्रभावित परिवारों को इस कठिन समय में हरसंभव मदद की जरूरत है।
कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने दिवंगतों की आत्मा की शांति और आपदा में प्रभावित परिवारों को इस दुख की घड़ी से उबरने की शक्ति मिलने की कामना की।
भारत-नेपाल के रिश्तों का भी दिया हवाला
श्रद्धांजलि सभा में भारत और नेपाल के बीच लंबे समय से चले आ रहे सामाजिक एवं पारिवारिक संबंधों का उल्लेख किया गया। देहरादून और उत्तराखंड में बड़ी संख्या में गोरखा समुदाय के लोग रहते हैं, जिनके नेपाल से पारिवारिक और सांस्कृतिक संबंध जुड़े हुए हैं।
आयोजकों ने कहा कि प्राकृतिक आपदा जैसी विपरीत परिस्थितियों में एक-दूसरे की मदद करना दोनों देशों के लोगों के बीच मानवीय रिश्तों को और मजबूत करता है।
नेपाल में आई इस आपदा के बाद उत्तराखंड में प्रशासन भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। इससे पहले उत्तराखंड राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में नेपाल में फंसे या जिनसे संपर्क नहीं हो पा रहा था, ऐसे लोगों को लेकर सूचनाएं भी पहुंची थीं।





