
पौड़ी गढ़वाल (उत्तराखंड): भारतीय सेना के सर्वोच्च अधिकारी और देश के दूसरे चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान शुक्रवार को एक भावुक पल के साक्षी बने, जब वे पदभार संभालने के बाद पहली बार अपने पैतृक गांव ‘गवाणा’ (खिर्सू ब्लॉक) पहुंचे। देवभूमि के इस लाल का स्वागत करने के लिए पूरा गांव उमड़ पड़ा और पारंपरिक ढोल-दमाऊ की थाप के साथ उनका भव्य अभिनंदन किया गया।
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भावुक हुए जनरल और ग्रामीण जनरल अनिल चौहान अपनी पत्नी अनुपमा चौहान के साथ गांव पहुंचे। जैसे ही वे अपनी माटी पर उतरे, ग्रामीणों ने उन्हें फूल-मालाओं से लाद दिया। सीडीएस ने अपने पैतृक घर जाकर कुलदेवता की पूजा-अर्चना की और बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद लिया। उन्होंने बचपन की यादों को ताजा करते हुए ग्रामीणों के साथ जमीन पर बैठकर बातचीत की और गांव की समस्याओं व विकास की संभावनाओं पर चर्चा की।
सुरक्षा और सादगी का संगम सीडीएस के दौरे को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, लेकिन जनरल चौहान की सादगी ने सबका दिल जीत लिया। उन्होंने स्थानीय युवाओं को सेना में भर्ती होकर राष्ट्र सेवा करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि “गढ़वाल की यह पहाड़ियां न केवल सुंदर हैं, बल्कि यह वीर प्रसूता भूमि भी है। यहां के युवाओं में अनुशासन और साहस कूट-कूट कर भरा है।”
सैन्यधाम के रूप में उभरा जिला गौरतलब है कि पौड़ी गढ़वाल जिला देश को लगातार दो सीडीएस (दिवंगत जनरल बिपिन रावत और अब जनरल अनिल चौहान) देने वाला एकमात्र जिला बन गया है। जनरल चौहान का यह दौरा न केवल निजी था, बल्कि इसने सीमावर्ती और पहाड़ी क्षेत्रों के युवाओं में नया जोश भर दिया है।


