उत्तराखंड के सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में इस समय लगभग 2100 सहायक अध्यापक पद खाली पड़े हैं, जिनमें से अधिकांश ग्रामीण और दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में हैं, जिससे कई स्कूलों में सिर्फ एक या दो शिक्षक ही छात्रों को पढ़ा रहे हैं और शिक्षा की गुणवत्ता पर गहरा असर पड़ रहा है। शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने सितंबर 2025 में प्राथमिक शिक्षक सेवा नियमावली में संशोधन पूरा करने के बाद जिलावार स्तर पर इन सभी 2100 पदों पर तत्काल भर्ती के निर्देश दिए हैं, ताकि हर बेसिक स्कूल में कम से कम दो शिक्षक सुनिश्चित हो सकें; भर्ती डी.एल.एड. धारकों के लिए मेरिट आधारित होगी और काउंसलिंग अक्टूबर-नवंबर में शुरू होने की उम्मीद है।
इस बीच, उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ ने ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कार्यालयों से शिक्षण सामग्री जैसे किताबें, स्टेशनरी और डिजिटल टूल्स लेने की प्रक्रिया पर कड़ी आपत्ति जताई है, क्योंकि इसके लिए शिक्षकों को 50-100 किमी दूर जाना पड़ता है, जिससे पढ़ाई का समय बर्बाद होता है और गैर-शिक्षण कार्यों का बोझ बढ़ता है; संघ ने डोर-टू-डोर डिलीवरी और पारदर्शी भर्ती की मांग की है, अन्यथा राज्यव्यापी हड़ताल की चेतावनी दी है।