देहरादून में साइबर ठगी के एक मामले में रांची से एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जिसने एक 92 वर्षीय नोएडा निवासी से 1.02 करोड़ रुपये की ठगी की थी। उत्तराखंड विशेष कार्य बल (STF) और साइबर क्राइम यूनिट ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपी को पकड़ा। यह घटना “डिजिटल अरेस्ट” स्कैम से जुड़ी है, जिसमें पीड़ित को पांच दिनों तक मनोवैज्ञानिक दबाव में रखा गया। #CyberFraud #DehradunPolice #DigitalArrest
घटना का विवरण: ठगी का यह मामला 26 अगस्त 2025 को शुरू हुआ, जब नोएडा के सेक्टर 30 में रहने वाले 92 वर्षीय रिटायर्ड प्रोफेसर को एक फोन कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को टेलीकॉम अधिकारी बताकर पीड़ित को मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में फंसाने की धमकी दी। इसके बाद, व्हाट्सएप के जरिए कई कॉल्स आए, जिसमें ठगों ने खुद को CBI अधिकारी बताकर पीड़ित को डराया और उनकी जीवन भर की बचत 1.02 करोड़ रुपये को अपने खातों में ट्रांसफर करवा लिया। #NoidaScam #DigitalArrestScam #CyberCrime
पुलिस की कार्रवाई: उत्तराखंड STF ने रांची में छापेमारी कर मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया। जांच में पता चला कि आरोपी ने पीड़ित को लगातार व्हाट्सएप कॉल्स के जरिए डराया और “डिजिटल अरेस्ट” के तहत उनके घर में ही मनोवैज्ञानिक रूप से कैद रखा। साइबर क्राइम ब्रांच के SHO रणजीत सिंह ने बताया कि भारतीय दंड संहिता (BNS) की धाराओं और IT एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब पैसे की रिकवरी और अन्य संदिग्धों की तलाश में जुटी है। #UttarakhandSTF #RanchiArrest #CyberInvestigation
स्कैम का तरीका: इस “डिजिटल अरेस्ट” स्कैम में ठगों ने पीड़ित को फर्जी आरोपों में फंसाने की धमकी दी, जैसे कि मनी लॉन्ड्रिंग और ड्रग तस्करी। पीड़ित को व्हाट्सएप कॉल्स के जरिए लगातार डराया गया और उनके बैंक खातों से पैसे ट्रांसफर करवाए गए। ठगों ने पीड़ित को यह विश्वास दिलाया कि यह पैसा “जांच के लिए” जरूरी है। इस तरह के स्कैम में अक्सर बुजुर्ग लोग निशाना बनते हैं, जो डर के मारे ठगों की बात मान लेते हैं। #DigitalScamTactics #ElderlyVictims #WhatsAppFraud
पुलिस की सलाह: देहरादून पुलिस और साइबर क्राइम यूनिट ने लोगों से अपील की है कि वे अनजान कॉल्स और व्हाट्सएप मैसेज पर भरोसा न करें। किसी भी सरकारी एजेंसी से होने का दावा करने वाले कॉलर की पहचान को आधिकारिक नंबरों से सत्यापित करें। साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें या नजदीकी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करें। #CyberSafety #PublicAdvisory #Helpline1930