देहरादून में साइबर ठगी के मामलों में हाल के महीनों में तेज़ी आई है, और ठग अब नए-नए तरीकों से आम लोगों को निशाना बना रहे हैं। साइबर पुलिस की रिपोर्ट के अनुसार, शहर में हर सप्ताह औसतन 15 से 20 शिकायतें दर्ज हो रही हैं, जिनमें से अधिकांश ऑनलाइन शॉपिंग, बैंकिंग ऐप्स, नौकरी और निवेश योजनाओं से जुड़ी होती हैं।
नए ट्रेंड में ठग अब “KYC अपडेट”, “पैन कार्ड लिंकिंग”, और “इनकम टैक्स रिफंड” के नाम पर फर्जी लिंक भेजकर लोगों के मोबाइल में रिमोट एक्सेस ऐप इंस्टॉल करा देते हैं। इससे वे यूज़र के बैंक अकाउंट और UPI डिटेल्स तक पहुँच बना लेते हैं। कई मामलों में WhatsApp कॉल के ज़रिए ‘कस्टमर केयर’ बनकर OTP या स्क्रीन शेयरिंग की मांग की जाती है।
देहरादून साइबर पुलिस ने यह भी बताया है कि अब AI-generated आवाज़ों और डीपफेक वीडियो कॉल्स का इस्तेमाल करके भी ठगी की जा रही है। कई लोगों को उनके परिचितों के नाम से नकली वीडियो कॉल या मैसेज आए, जिनमें पैसे की मांग की गई।
पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है —
- किसी भी अनजान लिंक या ऐप को डाउनलोड न करें।
- बैंक या सरकारी एजेंसी कभी OTP या स्क्रीन शेयर नहीं मांगती।
- साइबर अपराध की शिकायत तुरंत www.cybercrime.gov.in या 1930 हेल्पलाइन पर दर्ज करें।
देहरादून जैसे शहर, जहाँ डिजिटल सेवाएँ तेज़ी से बढ़ रही हैं, वहाँ साइबर अपराधियों के तरीके भी उतनी ही तेज़ी से बदल रहे हैं। तकनीक का समझदारी से उपयोग और जागरूकता ही इस डिजिटल युग में सबसे बड़ा बचाव है।
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