देहरादून: असहाय और बुजुर्गों के लिए DM की ‘हेल्प डेस्क’ बनी वरदान, अब तक 70 मुकदमों का हुआ समाधान
देहरादून। जिलाधिकारी (DM) कार्यालय में असहाय और बुजुर्ग व्यक्तियों की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए शुरू की गई ‘हेल्प डेस्क’ उनके लिए एक बड़ी राहत बनकर उभरी है। यह पहल उन लोगों के लिए वरदान साबित हो रही है, जो न्याय के लिए प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रियाओं में संघर्ष करते हैं।
70 से अधिक मामलों का निस्तारण: ताजा जानकारी के अनुसार, इस हेल्प डेस्क के माध्यम से अब तक 70 से अधिक मुकदमे (मामले/शिकायतें) दर्ज किए गए हैं, जिनमें से अधिकांश का सफल समाधान कर दिया गया है। ये मामले मुख्य रूप से संपत्ति विवाद, पारिवारिक कलह, उत्पीड़न और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े होते हैं।
कैसे काम करती है यह हेल्प डेस्क? डीएम की यह विशेष हेल्प डेस्क असहाय, वृद्ध और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों की शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर सुनती है। शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए उन्हें संबंधित विभागों जैसे पुलिस, राजस्व या समाज कल्याण विभाग को तुरंत भेजा जाता है।
- त्वरित कार्रवाई: डेस्क यह सुनिश्चित करती है कि मामलों में देरी न हो और संबंधित अधिकारी एक निश्चित समय सीमा के भीतर कार्रवाई करें।
- कानूनी और सामाजिक सहायता: कई मामलों में बुजुर्गों को कानूनी सलाह और सामाजिक सहायता भी प्रदान की जाती है।
- सीधी निगरानी: जिलाधिकारी स्वयं इन मामलों की प्रगति पर सीधे निगरानी रखते हैं, जिससे अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित होती है।
प्रशासन की इस पहल से समाज के कमजोर वर्ग को यह विश्वास मिला है कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से लिया जा रहा है और उन्हें न्याय मिलेगा। यह हेल्प डेस्क राज्य के अन्य जिलों के लिए भी एक मिसाल कायम कर रही है।
DehradunNews #DMHelpDesk #Uttarakhand #ElderlyCare #SocialJustice #उत्तराखंड #देहरादून #बुजुर्गोंकीमदद