उत्तराखंड देहरादून

देहरादून: ‘ड्रग-फ्री उत्तराखंड’ पहल की समीक्षा बैठक

देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें प्रदेश को नशा मुक्त बनाने की दिशा में चल रही योजनाओं और अभियानों की समीक्षा की गई। बैठक में पुलिस विभाग, स्वास्थ्य विभाग और शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ड्रग्स समाज और युवाओं के भविष्य के लिए सबसे बड़ा खतरा है और इसे रोकना सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में से एक है।

DrugFreeUttarakhand #YouthPower #SayNoToDrugs

मुख्यमंत्री धामी ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि ड्रग्स की सप्लाई चेन को तोड़ने के लिए सख्त कार्रवाई की जाए। इसके लिए सीमावर्ती जिलों और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाने के आदेश दिए गए। उन्होंने कहा कि ड्रग्स तस्करों और अवैध कारोबारियों पर कड़ी नजर रखी जाए और ऐसे मामलों में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

StopDrugs #LawEnforcement #ZeroTolerance

बैठक में शिक्षा विभाग को भी निर्देश दिए गए कि स्कूलों और कॉलेजों में नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम लगातार चलाए जाएं। छात्रों को ड्रग्स के दुष्प्रभाव और कानूनी परिणामों की जानकारी दी जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों और युवाओं को सही दिशा देने के लिए शिक्षकों और अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी बेहद जरूरी है।

Awareness #EducationMatters #HealthyYouth

स्वास्थ्य विभाग को नशा मुक्ति केंद्रों को और अधिक सशक्त करने और काउंसलिंग सेवाओं को बढ़ाने के लिए निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे की लत से पीड़ित व्यक्तियों को समाज की मुख्यधारा में वापस लाना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। इसके लिए आधुनिक सुविधाओं से लैस रिहैबिलिटेशन सेंटर स्थापित करने पर बल दिया गया।

Rehabilitation #Healthcare #RecoveryJourney

बैठक के अंत में मुख्यमंत्री धामी ने सभी अधिकारियों से कहा कि “ड्रग-फ्री उत्तराखंड” केवल सरकारी कार्यक्रम न होकर सामाजिक आंदोलन बने। इसके लिए जनसहभागिता, सामाजिक संगठनों और मीडिया का सहयोग भी अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार और समाज मिलकर काम करें तो उत्तराखंड को नशा मुक्त बनाने का लक्ष्य जल्द ही हासिल किया जा सकता है।

CommunitySupport #SocialChange #DrugFreeIndia

Health Insurance लेने से पहले अपना Premium Check करें।
Self
Spouse
First Child
Second Child
Enter Pincode & Mobile Number
Are you porting your policy?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *