देहरादून की विशेष अदालत ने 16 वर्षीय लड़की से जुड़े मामले में आरोपित युवक को दोषमुक्त कर दिया है। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि मामले में प्रस्तुत की गई मेडिकल रिपोर्ट अभियोजन पक्ष के आरोपों की पुष्टि नहीं करती।
अदालत के अनुसार, मेडिकल जांच में ऐसे कोई ठोस प्रमाण सामने नहीं आए, जिनसे आरोपित पर लगाए गए आरोप सिद्ध हो सकें। इसी आधार पर न्यायालय ने संदेह का लाभ देते हुए युवक को बरी करने का आदेश दिया।
इस मामले में सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने मेडिकल रिपोर्ट को अहम सबूत के रूप में पेश किया था, जिसे अदालत ने स्वीकार किया। फैसले के बाद न्यायालय परिसर में कानूनी चर्चाओं का दौर भी देखने को मिला।