उत्तराखंड

महाकुंभ 2026 की तैयारियों को लेकर सचिवालय में मंथन, देहरादून ट्रैफिक प्लान पर हुई विशेष चर्चा

देहरादून। हरिद्वार में 2026 में होने वाले महाकुंभ को दिव्य और भव्य बनाने के लिए शासन ने अभी से कमर कस ली है। शनिवार को उत्तराखंड सचिवालय में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक उच्च-स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें महाकुंभ की तैयारियों के शुरुआती खाके पर मंथन हुआ। बैठक में मेला क्षेत्र के विकास, स्थायी निर्माण कार्यों की समय-सीमा और विभिन्न राज्यों से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं के विस्तार पर गहन चर्चा की गई।

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समय पर काम पूरा करने पर जोर, स्थायी निर्माण को प्राथमिकता

बैठक में मुख्य सचिव ने सभी संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए कि महाकुंभ से जुड़े सभी स्थायी निर्माण कार्यों को हर हाल में 2025 के अंत तक पूरा कर लिया जाए, ताकि अंतिम समय की भागदौड़ से बचा जा सके। इसमें सड़कों का चौड़ीकरण, नए पुलों का निर्माण, घाटों का सौंदर्यीकरण, पेयजल लाइनों का विस्तार और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता बढ़ाना जैसे कार्य शामिल हैं। अधिकारियों को एक विस्तृत कार्य योजना बनाकर समय-समय पर प्रगति रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है।

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देहरादून बनेगा दबाव सोखने वाला केंद्र, ट्रैफिक प्लान प्रस्तुत

महाकुंभ के दौरान हरिद्वार पर पड़ने वाले अत्यधिक दबाव को कम करने में देहरादून की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है। बैठक में देहरादून के जिलाधिकारी ने कुंभ के दौरान शहर के ट्रैफिक मैनेजमेंट को लेकर एक विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया। योजना के तहत, दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से आने वाले वाहनों को देहरादून और ऋषिकेश के रास्ते डायवर्ट करने, शहर के बाहरी इलाकों में बड़ी पार्किंग विकसित करने और वहां से शटल बसें चलाने का प्रस्ताव रखा गया। इसका उद्देश्य हरिद्वार को जाम से मुक्त रखना और श्रद्धालुओं को सुगम यात्रा का अनुभव कराना है।

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सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन पर विशेष फोकस

बैठक में सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन को लेकर भी लंबी चर्चा हुई। महाकुंभ के दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित सीसीटीवी कैमरों से पूरे मेला क्षेत्र की निगरानी की जाएगी। ड्रोन से चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जाएगी और एक सेंट्रलाइज्ड कंट्रोल रूम बनाया जाएगा। विभिन्न राज्यों के पुलिस बलों के साथ समन्वय, अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती और आपदा प्रबंधन की टीमों को हर परिस्थिति के लिए तैयार रखने पर जोर दिया गया।

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