देहरादून, 12 सितंबर 2025: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया उत्तराखंड दौरे के दौरान आपदा प्रभावितों से मुलाकात पर विपक्षी नेता इंद्रेश मैखुरी ने गंभीर सवाल उठाए हैं। मैखुरी, जो कांग्रेस से जुड़े हैं, ने आरोप लगाया है कि पीएम से मिलने वाले प्रभावित लोग चुनिंदा थे और उनकी आवाज को दबाया गया। उन्होंने कहा कि असली पीड़ितों की बजाय सरकार समर्थक परिवारों को आगे किया गया, जिससे राहत कार्यों की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं। #PMModiUttarakhand #DisasterRelief #IndreshMaikhuri
मैखुरी ने एक बयान में कहा, “पीएम जी से मिले 22 परिवार किन क्षेत्रों से थे? क्या वे सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों जैसे चमोली, रुद्रप्रयाग या उत्तरकाशी के थे, या फिर देहरादून और आसपास के चयनित लोग? हमने देखा कि मुलाकात स्टेट गेस्ट हाउस में ही हुई, जहां असली पीड़ितों को पहुंचने का मौका ही नहीं मिला।” उन्होंने दावा किया कि कई प्रभावित परिवारों को सूचना तक नहीं दी गई, और उनकी शिकायतें दबा दी गईं। यह सवाल पीएम के दौरे के ठीक एक दिन बाद आया है, जब मौसम खराब होने से हवाई सर्वेक्षण रद्द हो गया था। #UttarakhandFlood #OppositionVoice #PMVisitControversy
इसके अलावा, मैखुरी ने राहत पैकेज पर भी टिप्पणी की। पीएम ने 1200 करोड़ रुपये की सहायता की घोषणा की, लेकिन विपक्ष का कहना है कि यह राशि अपर्याप्त है, क्योंकि राज्य सरकार ने केंद्र से 5702 करोड़ मांगे थे। उन्होंने मांग की कि प्रभावितों की सूची सार्वजनिक की जाए और स्वतंत्र जांच हो। कांग्रेस नेता ने कहा, “अगर आवाज दबाई गई, तो यह लोकतंत्र के लिए खतरा है। हम सदन और सड़क पर इस मुद्दे को उठाएंगे।” स्थानीय मीडिया में भी यह चर्चा हो रही है कि मुलाकात में शामिल लोग मुख्य रूप से देहरादून और निकटवर्ती जिलों से थे, जबकि सबसे ज्यादा नुकसान पहाड़ी क्षेत्रों में हुआ। #ReliefPackage #CongressCriticism #DehradunNews
विपक्ष के इस बयान पर भाजपा ने पलटवार किया है। पार्टी प्रवक्ता ने कहा कि पीएम का दौरा राहत के लिए था, न कि राजनीति के लिए, और सभी प्रभावितों को मदद मिलेगी। हालांकि, मैखुरी का सवाल सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जहां कई यूजर्स असली पीड़ितों की अनदेखी की शिकायत कर रहे हैं। आपदा में 79 मौतें और 90 लापता होने के बीच यह विवाद राहत कार्यों को प्रभावित कर सकता है। #BJPResponse #SocialMediaDebate #UttarakhandDisaster