राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा (NMOPS) ने पुरानी पेंशन बहाल न होने पर प्रदेशभर में विशाल आंदोलन की चेतावनी दी है। उनका कहना है कि यह आंदोलन सिर्फ सड़कों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि लोकतांत्रिक स्वरूप को भी नई दिशा देगा।
काला दिवस और मशाल जुलूस: हाल ही में पौड़ी जिले में कर्मचारियों ने ‘काला दिवस’ मनाते हुए एक विशाल मशाल जुलूस निकाला। यह आंदोलन अब देहरादून समेत अन्य जिलों में भी बड़ी रैलियों और जुलूसों के रूप में देखने को मिलेगा।
यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) का विरोध: कर्मचारी संगठन धामी सरकार द्वारा लाई गई यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) का लगातार विरोध कर रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि UPS, OPS का विकल्प नहीं है और यह योजना नई पेंशन स्कीम (NPS) के समान ही कर्मचारी विरोधी है।
शिक्षकों और कर्मचारियों का उपवास: हरिद्वार, अल्मोड़ा और अन्य जिलों में शिक्षकों और कर्मचारियों ने सामूहिक उपवास और भूख हड़ताल करके OPS बहाली की मांग की है।
न्यायिक अधिकारियों की याचिका: उत्तराखंड के 30 वरिष्ठ न्यायिक अधिकारियों ने भी पुरानी पेंशन योजना (OPS) के लाभ के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। उनका तर्क है कि उनकी भर्ती प्रक्रिया अक्टूबर 2005 से पहले शुरू हुई थी, जब OPS लागू थी।
सरकार का रुख: धामी सरकार OPS को बहाल करने के पक्ष में नहीं है, बल्कि उसने NPS से लाभान्वित हो रहे 1 लाख से अधिक कर्मचारियों के लिए यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) लागू करने का निर्णय लिया है। सरकार का कहना है कि UPS में कर्मचारियों को लगभग OPS के समान, 25 वर्ष की सेवा पूरी करने पर कुल वेतन का 50% पेंशन के रूप में मिलेगा। हालांकि, कर्मचारी संगठन इसे पूरी OPS बहाली से कम मानते हुए विरोध कर रहे हैं।
कर्मचारी संगठनों की मांग है कि पुरानी पेंशन कर्मचारियों का अधिकार है और सरकार को उनके हितों को ध्यान में रखते हुए इस नीति को जल्द से जल्द बहाल करना चाहिए। #कालादिवस #मशालजुलूस #कर्मचारीआंदोलन #UPSVirodh #धामीसरकार #OPSBahaali #OldPensionScheme #NoNPSOnlyOPS #UttarakhandOPS #PahadonMeOPS