रुड़की के राजकीय प्राथमिक विद्यालय नंबर 12 में 27 अक्टूबर 2025 को दोपहर करीब 1:30 बजे एक गंभीर लापरवाही सामने आई। कक्षा में पढ़ने वाला एक छोटा बच्चा नींद में सो गया, जबकि शिक्षिकाएं बिना क्लास चेक किए दरवाजा बंद कर ताला लगा चली गईं। शाम 4 बजे तक बच्चा अंदर ही फंसा रहा और रोने की आवाज सुनकर पड़ोसी दौड़े। ताला तोड़कर बच्चे को बाहर निकाला गया, जो डरा हुआ था लेकिन शारीरिक रूप से सुरक्षित था।
अभिभावकों ने स्कूल के बाहर जोरदार हंगामा किया और सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल कर शिक्षा विभाग के अधिकारियों को टैग किया। स्थानीय लोग और अभिभावक गुस्से में थे कि “बच्चे की जान खतरे में डाल दी गई”। मामला तेजी से फैला और रात 8 बजे तक हरिद्वार जिला शिक्षा अधिकारी (BSA) तक पहुंच गया। वीडियो में बच्चे का रोना और ताला तोड़ने का दृश्य देखकर लोग आक्रोशित हो गए।
शिक्षा विभाग ने तुरंत जांच शुरू कर दी है। BSA ने रुड़की BEO को रिपोर्ट सौंपी और दोषी शिक्षिकाओं के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की घोषणा की। स्कूल में CCTV और सुरक्षा प्रोटोकॉल सख्त करने के निर्देश दिए गए हैं। यह घटना उत्तराखंड के सरकारी स्कूलों में स्टाफ की कमी और लापरवाही की बढ़ती समस्या को उजागर करती है। बच्चा अब घर पर है और काउंसलिंग की सलाह दी गई है।
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