देहरादून के अशासकीय कॉलेजों में छात्र संघ चुनावों को लेकर लंबे समय से चली आ रही अनिश्चितता अब और बढ़ गई है। राज्य सरकार ने इन चुनावों की जिम्मेदारी से सीधे तौर पर अपना पल्ला झाड़ लिया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय से जुड़े कॉलेजों में चुनाव कराना उनकी जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह विश्वविद्यालय और संबंधित कॉलेज प्रशासन के अधिकार क्षेत्र में आता है।
राज्य सरकार ने 3 जुलाई 2025 को एक आदेश जारी कर सभी अशासकीय अनुदानित महाविद्यालयों को यह निर्देश दिया था कि वे अपने-अपने संबद्ध विश्वविद्यालय (चाहे वह राज्य हो या केंद्रीय) के शैक्षणिक कैलेंडर का पालन सुनिश्चित करें। इसी आदेश की प्रति केंद्रीय विश्वविद्यालय को भी भेजी गई है।
सरकार के इस कदम से यह साफ हो गया है कि वह अब अशासकीय कॉलेजों में छात्र संघ चुनाव कराने को लेकर सीधे हस्तक्षेप नहीं करेगी। यह निर्णय अब पूरी तरह से केंद्रीय विश्वविद्यालय को लेना होगा।
इस फैसले से छात्रों और छात्र संगठनों में नाराजगी हो सकती है, जो लंबे समय से चुनाव कराने की मांग कर रहे थे। पिछले कुछ सालों से चुनाव अनियमित रहे हैं, जिससे छात्र राजनीति में सक्रिय युवा नेताओं को निराशा हुई है।
इस बीच, हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय ने अपने परिसरों में छात्र संघ चुनाव 2025 की तिथियां घोषित कर दी हैं। इसके अनुसार, 18 और 19 सितंबर को नामांकन होगा, जबकि मतदान 27 सितंबर को होगा। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि इस कैलेंडर का पालन संबद्ध अशासकीय कॉलेज भी करेंगे या नहीं।
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