देहरादून। उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण निर्णय सुनाते हुए 2019 के सरकारी आदेश को वैध ठहराया है। इसके अनुसार SC, ST और OBC विद्यार्थियों के लिए निजी संस्थानों में दी जाने वाली शिष्यवृत्तियों की राशि सरकारी संस्थानों के समान निर्धारित की जाएगी।
न्यायालय ने स्पष्ट किया कि शिष्यवृत्तियाँ सार्वजनिक निधि से दी जाती हैं, इसलिए उनके मानक तय करने का अधिकार केवल सरकार के पास है। न्यायालय ने यह भी कहा कि सरकारी और निजी संस्थानों में छात्रवृत्तियों में समानता बनाए रखना आवश्यक है, ताकि सामाजिक और आर्थिक दृष्टि से पिछड़े वर्गों के विद्यार्थियों को न्यायसंगत सहायता मिल सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय छात्रों के लिए पारदर्शिता और समान अवसर सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाएगा। सरकार को अब यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी निजी और सरकारी संस्थान शिष्यवृत्ति मानकों का पालन करें।
#UttarakhandHighCourt #Scholarships #EducationNews #SCSTOBC #StudentSupport #EducationStandards #DehradunNews #HindiNews #EducationalEquity