उत्तराखंड में भूस्खलन के खतरे में लगातार वृद्धि हो रही है। इसरो की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में 203 राष्ट्रीय राजमार्गों पर भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। विशेष रूप से रुद्रप्रयाग जिला देश का सबसे खतरनाक भूस्खलन क्षेत्र घोषित किया गया है, जो केदारनाथ जैसे तीर्थ स्थलों के निकट स्थित है। Navbharat Times
इसके अतिरिक्त, उत्तरकाशी जिले में यमुनोत्री क्षेत्र के सिलाई बैंड में बादल फटने से भीषण भूस्खलन हुआ था, जिसमें 8-9 मजदूर लापता हो गए थे। यह घटना यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुई थी, जिससे सड़क मार्ग बाधित हो गया था। AajTak
भूस्खलन के इन नए जोनों के कारण राष्ट्रीय राजमार्गों पर यातायात प्रभावित हो रहा है, जिससे राज्य के विकास कार्यों में भी रुकावट आ रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इन क्षेत्रों का शीघ्र उपचार नहीं किया गया, तो यह भविष्य में और बड़ी समस्याएँ उत्पन्न हो सकते हैं।