देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के ऐतिहासिक दून पुस्तकालय में आज उत्तराखंड पुस्तक मेला 2025 का भव्य शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर मुख्य सचिव आनंद वर्धन ने फीता काटकर मेले का उद्घाटन किया और पुस्तक प्रेमियों को संबोधित किया।
मुख्य सचिव का संदेश: “किताबें हैं ज्ञान की धरोहर”
मुख्य सचिव श्री आनंद वर्धन ने कहा,
“आज की डिजिटल दुनिया में किताबें पढ़ने की आदत कम हो रही है, लेकिन सच्चा ज्ञान और बौद्धिक विकास केवल पुस्तकों से ही संभव है। मैं सभी युवाओं से अपील करता हूँ कि वे रोज़ कम से कम एक पेज किताब ज़रूर पढ़ें।”
उन्होंने पुस्तकालय को “समाज का मंदिर” बताते हुए कहा कि यहाँ आने वाला हर व्यक्ति न केवल ज्ञान प्राप्त करता है, बल्कि अपने व्यक्तित्व को भी निखारता है।
पूर्व मुख्य सचिव एन.एस. नपलच्याल ने दी बधाई
कार्यक्रम में पूर्व मुख्य सचिव उत्तराखंड एन.एस. नपलच्याल विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने पुस्तकालय की ऐतिहासिक भूमिका को याद करते हुए कहा,
“दून पुस्तकालय ने पिछले 100 वर्षों में लाखों पाठकों को प्रेरित किया है। यह मेला साहित्य और संस्कृति का संगम है।”
बच्चों और युवाओं के लिए आकर्षण
- बाल साहित्य कोना: टिंकल, चंपक, नंदन जैसी पत्रिकाएँ और चित्र पुस्तकें।
- डिजिटल रीडिंग जोन: ई-बुक्स और ऑडियोबुक्स की सुविधा।
- लेखक मिलन: 3 नवंबर को प्रसिद्ध लेखिका डॉ. मृदुला बहल से मुलाकात।
आयोजक और सहयोग
- मुख्य आयोजक: दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र
- सहयोग: उत्तराखंड संस्कृति विभाग, देहरादून नगर निगम
- प्रवेश: निःशुल्क
पुस्तक प्रेमियों की प्रतिक्रिया
“पहली बार इतना बड़ा मेला दून लाइब्रेरी में लगा है। उत्तराखंड की लोक कथाएँ और पहाड़ी लेखकों की किताबें देखकर मन खुश हो गया।” — आकांक्षा शर्मा, कॉलेज छात्रा
मेला 7 नवंबर तक चलेगा। पुस्तक प्रेमी और स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थी विशेष रूप से आमंत्रित हैं।
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