देहरादून, उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने प्रदेश में अगले कई दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान जताया है। 29 अगस्त से 3 सितंबर तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में बारिश की संभावना बनी हुई है। इस दौरान कई जिलों में भारी बारिश और आकाशीय बिजली को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 29 अगस्त को रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, चमोली, नैनीताल और बागेश्वर में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। इन जिलों के संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन और सड़क बाधित होने जैसी स्थिति को देखते हुए प्रशासन को सतर्क रहने की जरूरत है।
वहीं 30 अगस्त को देहरादून समेत प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश होने की संभावना जताई गई है। मैदानी क्षेत्रों में भी बारिश का असर देखने को मिल सकता है। देहरादून में बारिश के दौरान निचले इलाकों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की स्थिति बन सकती है।
पर्वतीय क्षेत्रों में विशेष सतर्कता की जरूरत
लगातार बारिश के कारण उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन, मलबा आने और सड़कें बंद होने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में पहाड़ी मार्गों पर यात्रा करने वाले लोगों को मौसम की स्थिति और स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
बारिश के दौरान नदी-नालों और गदेरों का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है। प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की जाती है कि वे नदी किनारे और संवेदनशील स्थानों पर जाने से बचें तथा खराब मौसम में अनावश्यक यात्रा न करें।
3 सितंबर तक जारी रह सकता है बारिश का सिलसिला
मौसम विभाग के अनुसार 3 सितंबर तक उत्तराखंड में बारिश का सिलसिला बने रहने की संभावना है। हालांकि बारिश की तीव्रता अलग-अलग दिनों और क्षेत्रों में अलग हो सकती है। कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश, जबकि संवेदनशील जिलों में भारी बारिश देखने को मिल सकती है।
मानसून की सक्रियता को देखते हुए जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन विभाग और संबंधित एजेंसियों को अलर्ट मोड पर रहने की जरूरत है। लोगों से भी मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने और आपात स्थिति में प्रशासन से संपर्क करने की अपील की गई है।
देहरादून के लिए क्या है चेतावनी?
देहरादून में 30 अगस्त को बारिश की संभावना को देखते हुए लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। बारिश के दौरान सड़क पर दृश्यता कम होने, जलभराव और यातायात प्रभावित होने की स्थिति बन सकती है। मौसम खराब होने पर वाहन चालकों को धीमी गति से वाहन चलाने और जलभराव वाले रास्तों से बचने की सलाह दी गई है।
प्रशासन और यात्रियों के लिए जरूरी सलाह
उत्तराखंड में बारिश के दौरान पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा करने वाले यात्रियों को निकलने से पहले मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लेने की सलाह दी गई है। भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में रुकने से बचना चाहिए। वहीं नदी, नाले और बरसाती गदेरों के आसपास जाने से पूरी तरह बचना जरूरी है।
नोट: मौसम की स्थिति तेजी से बदल सकती है। इसलिए स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की ओर से जारी ताजा चेतावनियों को प्राथमिकता दें।





