देहरादून

उत्तराखंड में पेपर लीक से हड़कंप: UTU ने बीटेक की दो परीक्षाएं रद्द कीं, जांच तेज DehradunNews

उत्तराखंड में परीक्षा प्रणाली की साख और पारदर्शिता पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। राजधानी देहरादून स्थित वीर माधो सिंह भंडारी उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय (VMSB-UTU) में कथित प्रश्नपत्र लीक मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बीटेक तृतीय वर्ष की दो महत्वपूर्ण परीक्षाएं तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी हैं। व्हाट्सएप ग्रुप पर लीक हुआ था प्रश्नपत्र: विश्वविद्यालय की आंतरिक जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। जांच में पाया गया कि विश्वविद्यालय के ही एक सहायक प्रोफेसर ने 7 जुलाई को आयोजित हुई परीक्षा से पहले प्रश्नों को व्हाट्सएप ग्रुप और कॉलेज के इंटरनल पोर्टल के जरिए छात्रों के बीच शेयर कर दिया था। प्रश्नपत्रों की गोपनीयता भंग होने के साक्ष्य मिलते ही विश्वविद्यालय प्रशासन ने कठोर कदम उठाए। आरोपी सहायक प्रोफेसर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश जारी किए गए हैं, साथ ही उन्हें परीक्षा संबंधी सभी गोपनीय व अन्य कार्यों से 7 वर्षों के लिए प्रतिबंधित (Debar) कर दिया गया है। निरस्त की गई परीक्षाओं में 'Machine Learning for Internet of Things' और 'Electromagnetic Field Theory' शामिल हैं। अब ये दोनों परीक्षाएं अगस्त के तीसरे सप्ताह में पुनः आयोजित की जाएंगी। मुख्यमंत्री धामी का सख्त रुख, पुलिस जांच शुरू: मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे मामला सरकारी भर्ती का हो या किसी विश्वविद्यालय की परीक्षा का। पुलिस ने वीएमएसबी-यूटीयू प्रशासन की तहरीर पर मामला दर्ज कर गहन जांच शुरू कर दी है। राजनीतिक घमासान और छात्रों का प्रदर्शन: घटना के उजागर होने के बाद स्थानीय छात्र संगठनों में भारी आक्रोश है। छात्रों ने कैंपस और सड़कों पर निष्पक्ष जांच व दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। दूसरी ओर, विपक्षी दल कांग्रेस ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एसआईटी (SIT) जांच कराने की मांग उठाई है। देशभर में पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था को लेकर चल रही बहस के बीच यूटीयू की इस घटना ने उत्तराखंड के छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। फिलहाल सभी की नजरें पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन की आगे की जांच कार्रवाई पर टिकी हैं।

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