देहरादून। उत्तराखंड विधानसभा सचिवालय में नौकरी दिलाने के नाम पर बड़े फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। एक व्यक्ति को क्लर्क (लिपिक) पद के लिए विधानसभा सचिवालय से जारी होने वाला एक जाली नियुक्ति पत्र थमा दिया गया। यह मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है और संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया गया है।
मिली जानकारी के अनुसार, निधि उनियाल पत्नी दिगंबर प्रसाद उनियाल निवासी सौड़ा सरोला, रायपुर को बीते नौ मई को जारी यह फर्जी नियुक्ति पत्र मिला था। इस पत्र में उन्हें विधानसभा में क्लर्क के पद पर नियुक्त किए जाने की बात कही गई थी।
फर्जीवाड़े की परतें:
- सरकारी मुहर का इस्तेमाल: जालसाजों ने इस फर्जी नियुक्ति पत्र को पूरी तरह से आधिकारिक दिखाने के लिए विधानसभा सचिवालय की मुहर और प्रारूप का इस्तेमाल किया था।
- पुलिस में शिकायत: जब पीड़ित ने सचिवालय में नियुक्ति पत्र की सत्यता की जांच की, तो पता चला कि यह पूरी तरह से फर्जी है। इसके तुरंत बाद, पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई।
पुलिस ने धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेज तैयार करने के आरोप में मामला दर्ज कर लिया है और अब उन व्यक्तियों की तलाश कर रही है जो नौकरी के नाम पर इस तरह का फर्जीवाड़ा कर रहे हैं। इस घटना ने एक बार फिर सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर होने वाली ठगी और धोखाधड़ी की घटनाओं को उजागर कर दिया है। प्रशासन ने युवाओं से अपील की है कि वे नौकरी के झांसे में न आएं और केवल आधिकारिक माध्यमों से ही जानकारी प्राप्त करें।
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