16 अगस्त को देहरादून में हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में यह फैसला लिया गया कि उत्तराखंड विधानसभा का आगामी मानसून सत्र गैरसैंण में ही आयोजित किया जाएगा। इस निर्णय के बाद देहरादून में सत्र होने की चल रही सभी अटकलों पर विराम लग गया। लंबे समय से राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा थी कि इस बार का सत्र गैरसैंण के बजाय देहरादून में हो सकता है, लेकिन सरकार ने स्पष्ट कर दिया कि विधानसभा की स्थायी राजधानी की भावना को बनाए रखा जाएगा और सत्र गैरसैंण में ही होगा। इस फैसले से पहाड़ी क्षेत्रों के प्रतिनिधियों और आम जनता में खुशी है, जो लंबे समय से गैरसैंण को राजधानी के रूप में विकसित करने की मांग कर रहे हैं। #विधानसभासत्र #गैरसैंण #उत्तराखंडसरकार
फैसले के पीछे की वजह
सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री ने साफ किया कि गैरसैंण को लेकर कोई भी भ्रम नहीं होना चाहिए और सरकार अपने वादे पर कायम है। इस फैसले के पीछे मुख्य कारण गैरसैंण को राज्य की ग्रीष्मकालीन राजधानी के रूप में स्थापित करने की प्रतिबद्धता है। इसके अलावा, यह भी माना जा रहा है कि यह कदम उन राजनीतिक दलों को जवाब है जो गैरसैंण को लेकर सरकार की मंशा पर सवाल उठा रहे थे। इस निर्णय से यह संदेश गया है कि राज्य सरकार गैरसैंण को एक जीवंत प्रशासनिक केंद्र बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। #गैरसैंणराजधानी #राजनीति #सरकारकाफैसला
देहरादून में तैयारियों पर क्या असर?
हालांकि, इस फैसले के बाद देहरादून में चल रही कुछ शुरुआती तैयारियों को रोक दिया गया है। आमतौर पर सत्र से पहले विधायकों के आवास और सचिवालय में जरूरी इंतजाम किए जाते हैं। अब ये सभी तैयारियां गैरसैंण में शुरू होंगी। इस कदम से कुछ अधिकारियों को अतिरिक्त काम करना पड़ सकता है, लेकिन सरकार ने साफ किया है कि सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी कर ली जाएंगी। #देहरादून #सत्रतैयारी #प्रशासनिकव्यवस्था