उत्तराखंड में खुलेगा नया अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA), ऊधम सिंह नगर में स्थापना का प्रस्ताव; केंद्र सरकार की मंजूरी का इंतजार
उत्तराखंड को आयुर्वेद, योग और वेलनेस का वैश्विक केंद्र बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक और बड़ा कदम बढ़ाया है। प्रदेश के ऊधम सिंह नगर जिले में देश के प्रतिष्ठित अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (All India Institute of Ayurveda - AIIA) की तर्ज पर नए संस्थान की स्थापना की तैयारी की जा रही है। इस संबंध में राज्य सरकार द्वारा केंद्र सरकार को औपचारिक प्रस्ताव भेजा जा चुका है और अब आयुष मंत्रालय की अंतिम स्वीकृति (हरी झंडी) का इंतजार है। 🏛️ मुख्य सचिव ने दिल्ली में केंद्रीय आयुष सचिव से की मुलाकात
संस्थान की स्थापना प्रक्रिया को गति देने के लिए उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने नई दिल्ली में केंद्रीय आयुष सचिव से उच्चस्तरीय मुलाकात की। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने राज्य का पक्ष मजबूती से रखते हुए केंद्र से प्रस्ताव पर त्वरित और सकारात्मक निर्णय लेने का अनुरोध किया। मुख्य सचिव ने बताया कि: उत्तराखंड सदियों से आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा की समृद्ध धरोहर वाला राज्य रहा है। राज्य सरकार ने ऊधम सिंह नगर जिले में संस्थान के निर्माण के लिए विवाद रहित भूमि चिन्हित कर ली है। प्रस्तावित स्थल राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी सुविधाओं से परिपूर्ण है। 🏥 एम्स सैटेलाइट सेंटर के समीप बनेगा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस
प्रस्तावित आयुर्वेद संस्थान ऊधम सिंह नगर में निर्मित हो रहे एम्स (AIIMS) सैटेलाइट सेंटर के निकट स्थित है। इससे भविष्य में आधुनिक एलोपैथिक चिकित्सा और प्राचीन आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति का एक एकीकृत (Integrated Healthcare) मॉडल विकसित हो सकेगा। 🌟 राज्य को मिलेंगे ये बड़े फायदे
अनुसंधान और उच्च शिक्षा: संस्थान बनने से राज्य के युवाओं को आयुर्वेद चिकित्सा में उच्च स्तरीय शिक्षा, स्नातकोत्तर (PG) और पीएचडी अनुसंधान के बेहतर अवसर मिलेंगे। चिकित्सा पर्यटन (Medical Tourism) को बढ़ावा: ऋषिकेश और हरिद्वार के साथ-साथ कुमाऊं क्षेत्र भी वैश्विक आयुष व वेलनेस टूरिज्म के बड़े केंद्र के रूप में उभरेगा। रोजगार के नए अवसर: संस्थान के निर्माण और संचालन से क्षेत्र में प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से हजारों स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार इस परियोजना के लिए आवश्यक सभी आधारभूत ढांचागत सुविधाएं (Infrastructure) उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। केंद्र से मंजूरी मिलते ही भूमि हस्तांतरण और निर्माण कार्य की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।





