फ्लू सीजन 2026 भारत: इन्फ्लुएंजा और RSV के मामलों में उछाल, बच्चों और बुजुर्गों के लिए वैक्सीनेशन अनिवार्य | Flu Vaccine Advice 2026

फ्लू सीजन 2026 भारत: इन्फ्लुएंजा और RSV के मामलों में उछाल, बच्चों और बुजुर्गों के लिए वैक्सीनेशन अनिवार्य | Flu Vaccine Advice 2026
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नई दिल्ली: देश के कई हिस्सों में मौसम के मिजाज में बदलाव के साथ ही स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियां बढ़ने लगी हैं। आमतौर पर मानसून या सर्दियों की शुरुआत में दिखने वाला फ्लू सीजन (Flu Season) इस बार समय से पहले ही दस्तक दे चुका है। चिकित्सा विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इन्फ्लुएंजा (Influenza A & B) और RSV (रेस्पिरेटरी सिनसिटियल वायरस) के मामलों में पिछले साल की तुलना में इस समय 20-30% की वृद्धि देखी जा रही है।

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इन्फ्लुएंजा और RSV: क्यों बढ़ रहे हैं मामले?

डॉक्टरों के अनुसार, पर्यावरण में बदलाव और लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) में उतार-चढ़ाव के कारण वायरस अधिक सक्रिय हो गए हैं।

  • RSV का खतरा: यह वायरस विशेष रूप से छोटे बच्चों और नवजातों के श्वसन तंत्र पर हमला करता है, जिससे उन्हें सांस लेने में कठिनाई हो सकती है।
  • इन्फ्लुएंजा: इन्फ्लुएंजा के नए स्ट्रेन (H1N1 और H3N2) इस बार काफी संक्रामक पाए गए हैं, जिससे मरीजों को तेज बुखार, शरीर में दर्द और लंबे समय तक रहने वाली खांसी की शिकायत हो रही है।

वैक्सीनेशन (Flu Shot) सबसे बड़ा बचाव

इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) और प्रमुख अस्पतालों के डॉक्टरों ने फ्लू शॉट (Flu Vaccine) को लेकर नई गाइडलाइन्स जारी की हैं:

  1. किसे है सबसे ज्यादा जरूरत: 6 महीने से ऊपर के बच्चों, 60 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और शुगर/बीपी जैसी पुरानी बीमारियों से पीड़ित लोगों को प्राथमिकता पर वैक्सीन लगवानी चाहिए।
  2. समय सीमा: डॉक्टरों ने सलाह दी है कि इस साल का फ्लू शॉट 30 अप्रैल, 2026 तक लगवा लेना चाहिए ताकि पीक सीजन आने से पहले शरीर में पर्याप्त एंटीबॉडीज बन सकें।
  3. प्रभावशीलता: इस वर्ष की वैक्सीन (Trivalent/Quadrivalent) प्रचलित स्ट्रेन्स के खिलाफ 50% से 70% तक प्रभावी पाई गई है, जो अस्पताल में भर्ती होने के जोखिम को काफी कम कर देती है।

लक्षण और घरेलू उपचार

यदि आपको निम्नलिखित लक्षण महसूस हों, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें:

  • तेज बुखार और ठंड लगना।
  • लगातार सूखी खांसी और गले में खराश।
  • अत्यधिक थकान और मांसपेशियों में दर्द।
  • बच्चों में सांस तेज चलना या चिड़चिड़ापन।

बचाव के उपाय: सार्वजनिक स्थानों पर मास्क का उपयोग करें, हाथों को नियमित रूप से धोएं और संक्रमण के लक्षण दिखने पर खुद को आइसोलेट करें।

सरकार की तैयारी

केंद्र और राज्य सरकारों ने सरकारी अस्पतालों में इन्फ्लुएंजा टेस्टिंग किट्स और दवाओं का पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, कई राज्यों में मोबाइल हेल्थ वैन के जरिए दूर-दराज के इलाकों में टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है।

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